जिले के छाजपुर कलां निवासी रामकुमार ने परिवार की खुशी और सुख समृद्घि की
मांग के लिए डाक कांवड़ उठाई थी। लेकिन भगवान को कुछ और ही मंजूर था और
उसके घर आने से पहले ही रुड़की-यूपी में सड़क हादसे में मौत हो गई।
कांवड़िये की मौत होने के बाद परिवार की खुशियां उसके घर पहुंचने से पहले ही उजड़ गई और परिवार समेत पूरे गांव में मातम छा गया। उसके साथी उसका शव लेकर पानीपत सिविल अस्पताल में लेकर पहुंचे। सिविल अस्पताल से पुलिस और डॉक्टरों ने शव का रुड़की में ही पोस्टमार्टम कराने की सलाह देकर रेफर कर दिया।
छाजपुर गांव में बुधवार को शिवरात्रि पर हर कोई अपने का इंतजार कर रहा था। सबसे ज्यादा इंतजार रामकुमार और उसके साथियों के परिजन रास्ता ताक रहे थे। इकतीस वर्षीय रामकुमार अपने साथियों के साथ डाक कांवड़ लेने गया था।
लेकिन परिवार के लोगों को रामकुमार की रुड़की के पास सड़क हादसे में मौत हो गई। परिजनों में सूचना मिलने पर मातम छा गया और बाकी गांव में भी माहौल गम में बदल गया। परिवार के लोग सिविल अस्पताल पानीपत पहुंचे।
डॉक्टरों ने संबंधित थाना पुलिस को हादसे की सूचना दी। पुलिस सूचना के बाद मौके पर पहुंची और बयान दर्ज किए। उसके साथियों ने बताया कि वे डाक कांवड़ लेकर गांव की तरफ आ रहे थे। रुड़की के पास एक सड़क हादसे में रामकुमार बुरी तरह से घायल हो गया। उन्होंने उसका स्थानीय अस्पताल में उपचार कराया।
लेकिन यहां पर उसकी मौत हो गई। पुलिस ने मामला रुड़की पुलिस का होने के चलते संबंधित थाना द्वारा ही कार्रवाई होने की बात कही और परिजनों को स्थानीय अस्पताल में ही शव का पोस्टमार्टम कराने की सलाह दी।