माई सिटी रिपोर्टर
अंबाला। राजकीय पीजी कॉलेज में करोड़ों रुपये के गबन के मामले में एंटी करप्शन ब्यूरो ने आखिरकार जांच शुरू कर दी है। एसीबी के जांच अधिकारी ने कॉलेज प्रशासन से चेकबुक, स्टॉक रजिस्टर सहित अन्य दस्तावेज मांग लिए हैं, जिन्हें कॉलेज प्रशासन ने जमा भी करा दिया है।
अब एसीबी इन दस्तावेजों की पहले तहकीकात करेगी, इसके बाद ही मामले में बयान दर्ज करने जैसी प्रक्रियाओं को अपनाया जाएगा। वहीं दूसरी तरफ मामले में आरोपों को झेल रहे प्राचार्य डॉ. देसराज बाजवा ने वीरवार को शिकायतकर्ता पर एक और आरोप लगा दिया।
उन्होंने दस्तावेजों के साथ दावा किया है कि जिन फर्मों को फर्जी बताया जा रहा है उन्हीं फर्मों से शिकायतकर्ता रमेश सिंह अहलावत ने वर्ष 2022 में कॉलेज में रहते हुए खरीदारी की थी, इसके लिए एक लाख रुपये के बिल भी पास कराए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय जब यह फर्में ठीक थीं तो अब फर्जी कैसे हो गईं।
फर्जी हस्ताक्षर कर आरटीआई लगाने का लगाया आरोप : इधर शिकायतकर्ता रमेश सिंह ने कॉलेज प्रशासन पर उनके फर्जी हस्ताक्षर कर एक आरटीआई लगाने का आरोप भी लगाया है। उन्होंने बताया कि इस मामले से संबंधित शिकायत वह निगदू में पुलिस से कर चुके हैं। इसकी जांच चल रही है। उन्होंने बताया कि कुछ दस्तावेज उनके फर्जी हस्ताक्षर कर कॉलेज के ही किसी स्टाफ ने सदर बाजार के डाकखाने से कॉलेज में भेजे हैं। उनके पास जब डाक विभाग का दस्तावेज ट्रेक करने का संदेश आया तब इस बात का खुलासा हुआ। वीडियो भी डाकखाने में जाकर देखी है जिसमें कॉलेज के दो प्राध्यापक दिख रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस मामले में भी जल्द एफआईआर दर्ज होगी।