गौरतलब है कि शहर की मुख्य सीवर लाइन के मैनहोल का ये गड्ढ़ा करीब 15 दिन पहले 20 अक्तूबर को हुआ था। मैनहोल की दीवार धंसने की वजह से यहां करीब छह फीट चौड़ी खाई बनी जो अंदर 22 फुट तक गहरी थी। इसमें छह फुट वर्गाकार की मुख्य सीवर लाइन का पानी बह रहा है। जो शहर के 16 वार्डों की निकासी एसटीपी सिवाह तक पहुंचाता है। इसके बाद से इसकी रिपेयरिंग की सिर्फ योजनाएं बनती गई इसे रिपेयर नहीं किया जा सका। जिसका सबसे बड़ा कारण चलती लाइन को रोका न जाना और इसके पानी को रूट डायवर्ट करना सामने आया है। अधिकारियों ने बताया कि उन्होंने ऐसे काम के लिए एजेंसी से 35 लाख रुपये का करार तक किया है। इसकी रिपेयरिंग का काम चल रहा है। एजेंसी ने बेरिकेड्स और पहरेदार भी बैठाए, बावजूद शहर के कुछ लोग बेरिकेड्स पार कर इसी रास्ते का इस्तेमाल कर रहे थे।
ये हुआ मामला
तहसील कैंप के रहने वाला 22 वर्षीय ब्रह्मदत्त इंडो ग्लोब शिपिंग सर्विस में सेल्स एग्जिटिव का काम करता है। सोमवार को दिल्ली से उनके सीनियर समीर महाजन पानीपत आए थे। जो इस गड्ढे के ठीक सामने होटल डेज में रुके थे। ब्रह्मदत्त रात करीब आठ बजे उनसे मिलने बाइक पर आया। बेरिकेडिंग के पास वह बाइक लेकर होटल में जाने लगा। इसी दौरान उसकी नजर गड्ढ़े पर नहीं गई और वह बाइक समेत गड्ढ़े में जा गिरा। इससे ब्रह्मदत्त को काफी चोटें आई। उसे आसपास के लोगों ने तो निकाल लिया लेकिन उसकी बाइक अभी भी गड्ढ़े के अंदर ही पड़ी है। हैरानी की बात ये है कि हादसे के बाद से लोग सहमे हुए थे। इसके बाद भी कुछ अनभिज्ञ लोग बेरिकेडिंग पार कर उसी रास्ते से जा रहे थे। जिनको निगम अधिकारियों ने समझाया और वहां से न जाने की सलाह दी। ये देख अधिकारियों ने एजेंसी को मौके की सुरक्षा बढ़ाने के लिए कई अन्य पहरेदार और लगाने के आदेश दिए।
अधिकारियों ने किया निरीक्षण
घटना की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे निगम एसडीओ अर्पित बुधवार और जेई विवेक सांगवान ने बताया कि इसकी रिपेयरिंग पर काम और मंथन दोनों चल रहे हैं। एजेंसी को भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं। लोग कई बार जागरूकता के अभाव में यहां से निकलने लगते हैं। इस हादसे की जांच पड़ताल की गई तो मालूम हुआ कि ये हादसा भी इसी वजह से हुआ है। मौके पर भी काफी ऐसे लोग मिले जो बेरिकेड्स के बाद भी उसी रास्ते से जा रहे थे। उनको भी समझाया गया है।
तीन से चार दिन में करेंगे रिपेयर: एक्सईएन
सीवर लाइन मैनहोल की रिपेयरिंग का काम चला हुआ है। इसके पानी को रोका नहीं जा सकता और चलती लाइन में रिपेयरिंग नहीं हो सकती। इसलिए बबैल नाका, उझा और सेक्टर 29 में पानी को रूट डायवर्ट किया जा रहा है। दो से तीन दिन में इसकी रिपेयरिंग पूरी हो जाएगी। मौके पर बेरिकेडिंग के साथ पहरेदार बैठा दिए गए हैं। लोगों से भी अपील है कि वे कुछ समय के लिए इस रास्ते से न आएं जाएं। -राजेश कौशिक, एक्सईएन, नगर निगम।