पानीपत। उग्राखेड़ी गांव में एक व्यक्ति ने हादसे की चोट से परेशान होकर फंदा लगाकर जान दे दी। घटना के वक्त घर में कोई नहीं था। ट्यूशन से घर लौटे बेटे ने फंदे पर शव लटका देख पड़ोसियों को इसकी सूचना दी। चांदनी बाग थाना पुलिस को भी इसकी सूचना दी गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर परिजनों से पूछताछ के बाद शव को फंदे से उतारकर सिविल अस्पताल में भिजवाया। पुलिस ने पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिया है। अब पुलिस मामले की जांच कर रही है।
उग्राखेड़ी निवासी अजमेर (50) पुत्र प्रेम सिंह पेशे से किसान था। एक साल पहले बाइक की टक्कर से वह गंभीर रूप से घायल हो गया। उसके पैर में अब भी दर्द रहता था। इससे वह बहुत परेशान हो चुका था। अजमेर शाम को घर था। पत्नी सरिता एक एनजीओ में काम करती है। वह काम से बाहर गई थी। 12वीं कक्षा का छात्र बेटा दिपांशू ट्यूशन गया था। जब बेटा शाम साढ़े छह बजे के करीब घर पहुंचा तो पिता अजमेर का कमरा अंदर से बंद मिला। कई बार आवाज देने पर भी अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई। उसने खिड़की से झांककर देखा तो पिता अजमेर का शव पंखे पर फंदे से लटका मिला। परिजनों का कहना है कि अजमेर ने चोट से परेशान होकर आत्महत्या की है।