माई सिटी रिपोर्टर
पानीपत। शहर की हरिसिंह कॉलोनी में तंग गलियों के ऊपर से गुजर रही 33 केवी की हाईटेंशन लाइन लोगों के लिए खतरा बनी हुई है। जमीन से महज 10 से 15 फीट की ऊंचाई पर गुजर रही तारों से हर समय हादसे का डर बना रहता है। मंगलवार देर रात हनुमान सभा के ध्वजवाहक गौरव की करंट लगने से मौत के बाद कॉलोनीवासियों की चिंता और बढ़ गई है। लोगों के अनुसार, इससे पहले भी तारों की चपेट में आने से कई हादसे हो चुके हैं। उन्होंने प्रशासन से लाइन को दूसरी जगह स्थानांतरित करने की मांग की है।
स्थानीय निवासी शशिकांता और प्रीति ने बताया कि गर्मी में तापमान बढ़ने से तार एक से दो फीट तक नीचे झूलने लगती हैं। ऐसे में मकानों की छतों पर जाना भी जोखिम भरा हो जाता है। बारिश के दिनों में आसपास के मकानों की दीवारों और छज्जों में करंट उतरने का खतरा बढ़ जाता है। उन्होंने बताया कि उनके पास स्थित मकान के गेट पर भी बारिश के दौरान करंट महसूस होता है।
सुरेश कुमार ने बताया कि उनके पड़ोसी के मकान के ठीक ऊपर से 33 केवी की लाइन गुजर रही है। तारों के खतरे के कारण पड़ोसी को छत भी नीचे रखनी पड़ी। बच्चों को छत पर भेजने में भी डर लगता है।
बेटे को करंट लगा तो बेच दिया प्लॉट
कॉलोनी निवासी रेखा ने बताया कि छह साल पहले उनके बेटे मनसीत को गली में बुग्गी पर खेलते समय करंट लग गया था। गनीमत रही कि उसकी जान बच गई। इसके बाद उन्होंने तारों के नीचे स्थित अपना प्लॉट बेच दिया और कुछ दूरी पर मकान बना लिया।
उन्होंने बताया कि पांच साल पहले पड़ोसी सुरेंद्र के घर शादी के दौरान आए उनके भांजे को भी हाईटेंशन लाइन से करंट लगा था। पिछली गली में एक बच्चे की मौत भी हो चुकी है। वहीं, शादी का दहेज लेकर जा रही गाड़ी में करंट से आग लगने के कारण सामान जल गया था।
निगम और एचवीपीएनएल ने किया सर्वे
हाईटेंशन तारों से जुड़े खतरों को देखते हुए नगर निगम ने एचवीपीएनएल के साथ मिलकर सर्वे किया है। इसमें ऐसी लाइनों वाली कॉलोनियों की पहचान की गई है। अब ड्रोन की मदद से पैमाइश की जाएगी। इसके बाद संबंधित लोगों को नोटिस देकर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। नगर निगम आयुक्त डॉ. पंकज ने बताया कि सर्वे के दूसरे चरण का काम जल्द पूरा किया जाएगा।