पानीपत। बापौली थाना के रसलापुर गांव में दो दिन से बीमार एक किशोरी की मौत हो गई। परिजनों ने उसका गांव में ही एक झोलाछाप के पास इलाज कराया था। आरोप हैं कि हाथ की नस में इंजेक्शन लगाने के बाद तबीयत और बिगड़ी तो झोलाछाप ने कूल्हे में एक और इंजेक्शन लगा दिया। आरोपी झोलाझाप रसलापुर में अपनी बहन के यहां रहता है। परिजनों ने शव का पोस्टमार्टम नहीं कराया। थाना बापौली की पुलिस ने किशोरी की मौत की सूचना न मिलने की बात कही है।
रसलापुर गांव के मरीद ने बताया कि उनके दो लड़के और एक लड़की है। उनकी लड़की मोमिना (18) का रिश्ता तय कर दिया है। वे जल्द ही उनका निकाह करने का विचार कर रहे थे। मोमिना को दो दिन पहले उल्टी लगी थी और पेट में भी दर्द हुआ था। उसका बीपी भी कम हो गया था। उन्होंने गांव में झोलाछाप को बुलाया। उसने मोमिना की नस में इंजेक्शन लगाया। इसके बाद उसकी तबीयत और बिगड़ गई। झोलाछाप ने उनके कूल्हे में एक अन्य इंजेक्शन लगा दिया। उसको कुछ आराम हुआ। मोमिना ने वीरवार शाम को चाउमीन खाने की इच्छा जताई। वह गांव के अड्डे से चाउमीन ले आया। मोमिना और परिवार के सभी सदस्यों ने चाउमीन खाई। मोमिना की शुक्रवार सुबह फिर तबीयत बिगड़ गई। उसी झोलाछाप ने उनको एक इंजेक्शन फिर लगाया। मोमिना को चक्कर आने लगे। वे उसके बापौली सीएचसी में ले गया। यहां उसको एक ग्लूकोज लगाई गई। चिकित्सक दूसरी ग्लूकोज लगाने की तैयारी कर रहे थे। इसी समय मोमिना बेसुध हो गई। यहां से उसको जिला नागरिक अस्पताल भेज दिया। वे उसे जिला नागरिक अस्पताल लेकर आए। यहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
वर्जन :
रसलापुर गांव में किशोरी मोमिना की मौत की सूचना नहीं मिली है और न ही अस्पताल से कोई सूचना मिली है। पुलिस को इसमें किसी प्रकार की शिकायत मिलती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
नीरज, प्रभारी, थाना बापौली।