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Panipat News: म्यांमार से चल रहा है साइबर ठगी का साम्राज्य, दूसरे देशों के लोगों को बंधक बनाकर कराते हैं ठगी

Fri, 16 Jan 2026 01:38 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत
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पानीपत। साइबर स्लेवरी (गुलामी) के मामले में नया खुलासा हुआ है। म्यांमार के जंगलों में साइबर ठगों ने पूरा साम्राज्य स्थापित कर रखा है। आसपास आठ-दस आईटी पार्क हैं, जिनमें करीब 10 हजार युवकों से काम कराया जाता है। इन सभी पार्कों का ठेका अलग-अलग चाइनीज कंपनियों के नाम पर है, जहां पर दूसरे देशों के युवकों को बंधक बनाकर साइबर ठगी कराई जा रही है, जिसमें मुख्यत: भारत, पाकिस्तान, वियतनाम, और जर्मनी के युवा शामिल कराए जाते हैं। साइबर ठगों ने अपनी प्राइवेट आर्मी बना रखी है, साथ ही सुपर मार्केट, मल्टीप्लेक्स से लेकर अस्पताल और अन्य सुविधाएं भी मिलती हैं। यही नहीं साइबर ठग किसी को अपना शिकार बनाने के बाद घंटी बजाकर जश्न मनाते हैं।
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पानीपत के युवक ने साइबर क्राइम थाने में जींद के युवक पर थाईलैंड में नौकरी का झांसा देकर पांच लाख रुपये में चीन की कंपनी को बेचने और म्यांमार में साइबर ठगी कराने का आरोप लगाते हुए प्राथमिकी दर्ज कराई थी। साइबर क्राइम पुलिस ने युवक को बुलाकर उससे पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली, जिसमें युवक ने कई खुलासे किए हैं। युवक ने बताया कि 26 जून को बैंकॉक में उतरने के बाद उसे कार से ताक में एक होटल में ले जाया गया था। जहां से जंगलों के रास्ते म्यांमार में एंट्री हुई। जहां पर आठ-10 बड़े-बड़े आईटी पार्क थे, जिसमें एक पार्क में पांच मंजिला भवन है, जिसमें एक तल पर 200 युवकों से काम कराया जाता है। यानी एक पार्क में एक हजार से अधिक युवकों को साइबर ठगी के काम में लगाया जाता है। एक तल पर एक टीम लीडर तैनात रहता है, जिसकी निगरानी में पूरा काम होता है, इसके साथ ही साइबर ठगों ने अपनी प्राइवेट आर्मी भी बना रखी है, जो सभी कर्मचारियों पर नजर रखती है।

जरूरत के हिसाब से मिलता है सभी तरह का खाना
युवक ने बताया कि जिस स्थान पर यह काम चल रहा है वहां पर साइबर ठगों ने सुविधाओं का भी पूरा ध्यान रखा है। सभी आईटी पार्कों में सुपर मार्केट, अस्पताल, खेल के मैदान अन्य सुविधाएं भी मिलती है। खाने की भी हर तरह की व्यवस्था की गई है, जिसमें भारतीय व्यंजन भी तैयार किए जाते हैं, साथ ही जिस देश के व्यक्ति होते हैं उसे उसी देश के हिसाब से खाना भी दिया जाता है, जिससे उन्हें कोई दिक्कत न हो।
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टास्क पूरा होने पर घंटी बजाकर मनाते हैं जश्न
साइबर ठग एक साथ अलग-अलग टास्क पर काम करत हैं, जैसे ही कोई व्यक्ति उनके झांसे में आकर साइबर ठगी का शिकार होता है तो घंटी बजाकर इसका जश्न मनाया जाता है। यहां तक की बड़ी ठगी होने पर टास्क को पूरा करने वाले को 10 से 20 प्रतिशत का इनाम भी दिया जाता है।

एक अन्य युवक भी हुआ था शिकार, दर्ज नहीं कराई प्राथमिकी
पानीपत का एक अन्य युवक भी म्यांमार में इसी तरह से ठगी का शिकार हुआ था, लेकिन युवक ने सामने आकर प्राथमिकी दर्ज नहीं कराई थी। कई बार पुलिस ने उस युवक से भी संपर्क किया है।

अभी युवक से पूरे प्रकरण की जानकारी ली गई है, जिसमें उसने कुछ तथ्यों के बारे में बताया है। प्रकरण की गहनता से जांच कर इस मामले में ठोस कार्रवाई की जाएगी।
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- अजय कुमार, प्रभारी साइबर क्राइम थाना।
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