जिसके बाद वह भी कुर्सी से उतरकर अपने दोनों बड़े भाइयों के साथ खेलने लगा। कुछ देर बाद राजवीर और राजा दोनों अपनी मां के पास चले गए। वह भी दोपहर को खाना खाने चला गया। इसी बीच पत्नी ने काशी के बारे में पूछा तो बच्चों ने फैक्टरी में ही खेलने की बात बताई। शाम सात बजे तक भी उसका पता नहीं चला तो परिजनों ने तलाश शुरू की। कहीं कोई सुराग न मिलने पर परिजन सेक्टर 13-17 थाना पहुंचे और बेटे की गुमशुदगी की शिकायत दी थी।
बड़े बच्चे मां के पास चले गए थे, काशी उन्हें ढूंढ रहा था
पुलिस ने बच्चों से पूछताछ की तो बड़े भाई राजवीर ने बताया कि वह लुकाछिपी खेल रहे थे। वह और राजा छिप गए थे, जबकि काशी उन्हें ढूंढ रहा था। वह दोनों चुपके से मां के पास चले गए जबकि काशी उन्हें फैक्टरी में ढूंढ रहा था। इसी बीच पुलिस फैक्टरी पहुंची और वहां लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज चेक की। जिसमें काशी रूई के बोरों के पास दिखाई दे रहा है। पुलिस ने बोरों के पास जाकर तलाश की। इसी बीच एक बोरे को हटाया तो काशी नीचे दबा हुआ था। उसे सामान्य अस्पताल पहुंचाया, तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।
परिजनों से पंचनामा भरवाकर शव का पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिया है, मामले में 174 की कार्रवाई की गई है। - इंस्पेक्टर विजय सिंह, सेक्टर 13-17 थाना प्रभारी