पानीपत। उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम ने उन बिजली उपभोक्ताओं को राहत की योजना बनाई है। इस योजना के तहत बिजली से जुड़े किसी भी कोर्ट में चल रहे केस का निपटारा दोनों पक्षों की रजामंदी पर कोर्ट से बाहर हो सकेगा। उपभोक्ताओं को योजना का लाभ 31 जनवरी 2013 तक मिलेगा। केस निपटाने का जिम्मा एसडीओ को दिया गया है। एसडीओ पेंडिंग केसों का निपटारा लोक अदालतों और ऑफिस में निपटाएंगे। केस के निपटने के बाद दोनों पक्षों का रजामंदी पत्र कोर्ट में जमा कराना होगा।
326 कोर्ट केस हैं लंबित
इस समय जिला में 326 उपभोक्ताओं का बिजली निगम के साथ कोर्ट केस चल रहा है। संबंधित उपभोक्ताओं से बिजली निगम को करीब 10.67 करोड़ रुपये वसूलने हैं। ये वे उपभोक्ता हैं, जिन्होंने या तो लंबे समय से बिल नहीं भरे, या इनके ऊपर बिजली निगम की ओर से जुर्माना है।
कार्यालयों में पहुंचा पत्र
योजना से संबंधित पत्र चीफ जनरल मैनेजर, कामर्शियल, पंचकूला की तरफ से राज्य के सभी सीई, एसई, एक्सईएन, एसडीओ, जेई और सब ऑफिस के इंचार्ज के पास भेज दिए हैं। पानीपत मंडल में इस समय नौ एसडीओ हैं, जो कोर्ट केस का निपटारा करेंगे।
कोर्ट में समय नहीं होगा बर्बाद
जो उपभोक्ता लंबे समय से कोर्ट के चक्कर काट-काट कर परेशान हो चुके हैं, वे उपभोक्ता योजना का लाभ पाते हुए निगम के साथ सेटलमेंट करके केस को निपटा सकते हैं। केस के निपटारे के समय दोनों पक्षों के लाभ को ध्यान में रखा जाएगा। उपभोक्ता पर जितनी राशि बकाया होेगी उस राशि को सेटलमेेंट किया जाएगा। उपभोक्तओं के साथ चल रहे केस के सिलसिले में बिजली निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों को भी कोर्ट मेें समय गुजारना पड़ता है। इससे ऑफिस के कार्य भी प्रभावित होते हैं। केसों की सेटलमेंट होने पर उनका कीमती समय बच सकेगा।
वर्जन
उपभोक्ताआें की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए कोर्ट केस का बाहर निपटारा कराने के लिए योजना बनाई गई है। एसडीओ को इनका जिम्मा सौंपा है। लोक अदालतों और कार्यालयों में कोर्ट केस का निपटारा होगा।
वीके खुराना, अधीक्षक अभियंता, बिजली निगम, पानीपत