पानीपत। थाना चांदनी बाग पुलिस के अंतर्गत सिवाह-डाहर सड़क पर बजरी प्लांट के पास लुटेरों ने गनमैन से मारपीट के बाद बांधकर लूटपाट की। लुटेरे गनमैन की मोटरसाइकिल, दो जिंदा कारतूस, आर्म्स और ड्राइविंग लाइसेंस समेत नगदी लूट ली। गनमैन को बंधक बनाकर खेतों में डाल गए। गनमैन को गंभीरावस्था में सिविल अस्पताल में भरती कराया। वहां से उसे निजी अस्पताल में भेजा। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
सिविल अस्पताल में भरती डाहर निवासी प्रवीण ने बताया कि वह चौटाला रोड स्थित एक फैक्टरी में गनमैन है। मंगलवार शाम को वह ड्यूटी पर आया था। रात करीब 9 बजे घर से इमरजेंसी फोन आ गया और वह अपनी मोटरसाइकिल लेकर घर की तरफ चल पड़ा। सिवाह से डाहर सड़क पर बजरी प्लांट के नजदीक सात-आठ बदमाशों ने उसका रास्ता रोक लिया। उसने बच निकलने का प्रयास किया, लेकिन एक बदमाश ने उसके सिर मेें डंडा मार दिया। उसने बदमाशों पर अपना हेलमेट फेंककर बच निकलने का प्रयास किया, लेकिन बदमाशों ने उसको पकड़ लिया। उसकी डंडों से बुरी तरह से पिटाई कर दी और मोटरसाइकिल, जेब में रखे बंदूक के दो जिंदा कारतूस, आर्म्स और मोटरसाइकिल के लाइसेंस समेत पर्स लूट लिया और उसके हाथ पांव बांधकर खेतों में डाल दिया। उसने रस्सी से हाथ खुलवाकर बच निकलने का प्रयास किया तो बदमाशों ने उसकी दोबारा डंडों से पिटाई कर दी और चुन्नी से बांध कर फेंक दिया।
ढाई घंटे पड़ा रहा गनमैन
प्रवीण ने बताया कि वह दो-ढाई घंटे बंधा रहा। उसके शरीर से डंडों का दर्द कम होने के बाद चुन्नी को खोलने का प्रयास किया। वह रात करीब साढ़े 12 बजे हाथों और पैरों को खुलवाकर वहां से बच निकला। वह काफी दूर तक गोभी के खेतों में पेट के बल चला और फिर सड़क के साथ आ गया। इसके बाद वह सिवाह रेलवे फाटक के पास पहुंचा और वहां पर तैनात पुलिसकर्मियों को सारी व्यथा बताई।
पुलिसकर्मी भी घबरा गए
प्रवीण ने बताया कि उसकी हालात देख और कहानी सुनने के बाद पुलिसकर्मी भी घबरा गए। पुलिसकर्मियों ने कहा कि वे संख्या में सिर्फ दो हैं जबकि बदमाशाें की संख्या सात से आठ हैं। इस पर पुलिसकर्मियों ने पीसीआर से संपर्क साधा और उसको लेकर वारदात स्थल पर पहुंचे। उस समय तक बदमाश निकल चुके थे। पुलिसकर्मियों ने खेतों व आसपास बदमाशों की तलाश की, लेकिन उनका कोई सुराग नहीं लगा।
बड़ी वारदात की थी योजना
प्रवीण ने बताया कि लुटेरों द्वारा पिटाई करने के बाद वह घबरा गया था। वह उनके सामने छोड़ देने के लिए गिड़गिड़ाया और उनको घर से पैसे लाकर देने की भी बात कही। यह सुनकर लुटेरों ने उसको बुरी तरह से पिटना शुरू कर दिया। लुटेरों ने कहां कि अगर तेरे को छोड़ देंगे तो उनकी बड़ी योजना पर पानी फिर जाएगा। इसके बाद उसको बांधकर खेतों में डाल दिया।
पहले भी हो चुकी हैं वारदातें
4 सितंबर को कैलाश निवासी देसराज कालोनी से थाना शहर के बाहर से 8 हजार मोबाइल छीने।
8 सितंबर को दादा-पोता मंदिर के पार्टनर गौतम राज सिंगला से 23 तोले सोना लूटा।
14 सितंबर को बरसत रोड ठेके पर कारिंदे कर्मबीर को गोली मारकर 12 हजार रुपये लूटे।
20 अक्तूबर को संजय चौक पर एक व्यक्ति का मोबाइल छीना।
22 अक्तूबर को इसराना के मांडी गांव में डाक्टर से एक लाख लूटे।
29 अक्तूबर को माडल टाउन में गुरविंदर का पर्स छीन लिया।
वर्जन
देर रात को सिवाह के पास खेतों में सुरक्षाकर्मी की मोटरसाइकिल ओर अन्य सामान लूट लिया। पीड़ित को अस्पताल में भरती करा दिया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
नरेंद्र सिंह, प्रवक्ता पुलिस पानीपत