सोनीपत। जिला के खंड गन्नौर स्थित राजकीय माध्यमिक विद्यालय गढ़ी केसरी में शनिवार को हैंड वाश-डे मनाया गया। इस दौरान खंड मौलिक शिक्षा अधिकारी विद्योत्तमा ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। मुख्यातिथि ने बताया कि जिला शिक्षा अधिकारी के निर्देशानुसार सभी स्कूलों में 18 अगस्त को हैंड वाश-डे मनाया जा रहा है। इसी कड़ी में गढ़ी केसरी स्कूल में भी इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। स्कूल के अध्यापक-अध्यापिकाओं ने बीईईओ विद्योत्तमा की उपस्थिति में बच्चों से साबुन से हाथ धुलवाए और इसे अपनी दिनचर्या में शामिल करने को कहा। खंड मौलिक शिक्षा अधिकारी ने बच्चों से बीमारियों से बचाने के लिए हाथ साफ रखने पर जोर दिया और कहा कि बीमारियों से बचाव के लिए स्वच्छता का होना अत्यंत आवश्यक है। इस अवसर पर प्रेमवीर, राजबाला, जगमति, सरोज, मनोज, योगेश, कपिल देव, वीरेन्द्र गंगाना, संदीप, राजीव आदि भी मौजूद रहे।
हत्या के दो आरोपी गिरफ्तार
नरेला (सोनीपत)। अलिपुर थाना पुलिस ने पुलिस के लिए सिरदर्द बने मामले का खुलासा करते हुए हत्या के मामले में दो आरोपियों को काबू कर अदालत में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। वहीं एक आरोपी पुलिस गिरफ्त से बाहर है।
अलिपुर पुलिस को बख्तावरपुर शिव फार्म हाउस के पास से एक शव बरामद हुआ था। कार्रवाई करते हुए पुलिस ने आठ जुलाई को अलिपुर निवासी विकास को हिरासत में लेकर पूछताछ की थी, जिसके अगले दिन विकास ने भी आत्महत्या कर ली थी । परिजनों ने विकास द्वारा आत्महत्या का कारण पुलिस प्रताड़ना को ठहराया और प्रदर्शन भी किया था। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मामले में सौरभ (काल्पनिक नाम) को काबू कर जब उससे पूछताछ की तो उसने बताया कि मामले में अलिपुर निवासी गौरव गुप्ता भी शामिल है। पुलिस ने गौरव को भी काबू कर उससे भी पूछताछ की ।
मामले का खुलासा करते हुए डीसीपी बाहरी दिल्ली बीएन जयसवाल ने बताया कि विकास ने दीपक से पांच-छह लाख रुपये कर्ज लिया था। इसके मांगने पर विकास ने उसे मारने की योजना बनाई। उसने अपने साथी जितेंद्र, सौरभ और गौरव को घटना में साथी बनाया और एक 29 जून को दीपक को अपनी फैक्टरी में बुलाया और सभी ने वहां नशीले पदार्थ का सेवन किया। इस दौरान तीनों ने दीपक की बीयर में जहरीला पदार्थ मिला दिया जिससे दीपक ने कुछ देर बाद दम तोड़ दिया। इसके बाद तीनों ने उसके शव को ठिकाने लगा दिया, जिसे पुलिस ने बरामद कर लिया था। उन्होंने बताया कि पुलिस ने आरोपी विकास को हिरासत में लेकर जब पूछताछ कर उसे छोड़ा तो उसने मामले में फंसता देख आत्महत्या कर ली थी। पुलिस ने मामले का खुलासा करते हुए सौरभ और गौरव को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है। जबकि मामले में जितेंद्र फरार है।