पानीपत। खाद्य तेल रिफाइंड, सरसों तेल और वनस्पति तेलों के दाम पांच से 15 रुपये प्रति लीटर तक बढ़ गए। अमेरिका और इंडोनेशिया से सप्लाई प्रभावित होने के कारण तेलों के दामों में उछाल आया है। हालांकि जिले में तेलों के दाम बढ़ने के बावजूद भी मांग में कमी नहीं आई।
खाद्य पदार्थों के दामों के साथ-साथ खाद्य तेलों के दाम भी आसमान छू रहे हैं। जुलाई माह में तेलों के दाम बहुत ज्यादा बढ़ गए हैं। जिससे उपभोक्ताओं को काफी परेशानी हो रही है। गुड़ मंडी के थोक व्यापारियों ने बताया कि रिफाइंड तेल की अमेरिका और इंडोनेशिया से सप्लाई में कमी आई है। जिस कारण उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ऐसा बताया जा रहा है कि विदेशों में फसल कम होने की वजह से उन्हें काफी परेशानी हुई।
10 से 15 रुपये महंगा
खाद्य तेलों में रिफाइंड, सरसाें के तेल और वनस्पति तेल के दामों में भी उछाल आया है। सबसे ज्यादा बिकने वाला रिफाइंड तेल का दाम 10 से 15 रुपये प्रति पैकेट, सरसों का खुला तेल जहां 100 रुपये लीटर तक पहुंच गया है, वहीं ब्रांडेड सरसों का तेल भी 10 से 15 रुपये तक महंगा हो गया। सबसे कम असर वनस्पति तेलों के दामों पर पड़ा। वनस्पति तेल के तीन से चार रुपये महंगा हुआ।
नहीं घटी मांग
माडर्न समय में लोगों को तेल में तली चीजों का इतना ज्यादा शौक बढ़ गया है कि तेल के दामों में बढ़ोतरी पर भी कोई असर नहीं पड़ा। राकेश ट्रेडिंग कंपनी के संजय गर्ग ने बताया कि मंडी में महीने में 500 से 600 टन की रिफाइंड तेल की मांग है जो कि महंगाई के बावजूद भी प्रभावित नहीं हुई। सरसाें और वनस्पति तेल की कुल मिलाकर मांग 100 टन है, लेकिन इन दोनोें खाद्य तेलों पर भी दाम का कोई असर नहीं हुआ।
रिफाइंड तेल के दाम
कंपनी जुलाई जून
फारच्यून 85 76
गिन्नी गोल्ड 87 82
डालडा 82 75
महाकोष 78 72
सरसों तेल के दाम
फारच्यून 105 90
गगन 103 90
डालडा 103 90
वनस्पति तेल के दाम
गगन 71 68
डालडा 71 68
नेचर फ्रेश 70 67
नोट: रेट रुपये प्रति लीटर