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Panipat News: बुजुर्ग और दिव्यांगों का 93.33 प्रतिशत मतदान

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पानीपत। बुजुर्ग और दिव्यांग मतदाताओं ने लोकसभा चुनाव में युवाओं और सामान्य लोगों को बड़ा संदेश दिया है। चुनाव आयोग की घर पर बैलेट पेपर से मतदान करने की पहल के पहली बार में सार्थक परिणाम देखने को मिले। जिले में 30 में से 28 बुजुर्ग और दिव्यांगों ने लोकसभा चुनाव के लिए मतदान किया। जिले में इनका मतदान 93.33 प्रतिशत रहा। जो अब तक का सबसे अधिक मतदान है। वे कमरे से बेशक नहीं निकल पाए, लेकिन नई व्यवस्था में उन्होंने युवा पीढ़ी को बड़ा संदेश दिया है। अब देखना है कि युवा लोकसभा चुनाव में मतदान प्रतिशत कहां तक लेकर जाते हैं।
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लोकसभा-2024 के आम चुनाव को लेकर प्रदेश में 25 मई को मतदान है। इस बार 80 के बुजुर्ग और 40 प्रतिशत से अधिक दिव्यांगों को घर पर ही मतदान की सुविधा दी गई थी। जिले की चारों विधानसभाओं में 30 सीनियर सिटीजन व दिव्यांग मतदाताओं ने घर से बैलेट पेपर के माध्यम मतदान करने की बात कही थी। शनिवार को पोलिंग पार्टियों निर्धारित समय पर उनके घर पहुंची। यहां उनका स्वागत कर विधिवत रूप से मतदान कराया।

बॉक्स
28 मतदाताओं ने घर से मतदान किया
पानीपत। प्रशासन की विशेष टीमों ने मतदाताओं के घर जाकर पूरी गोपनीयता के साथ दोपहर बाद तक मतदान प्रक्रिया पूर्ण कराई। इसके लिए जिले में हर विधानसभा क्षेत्र में पोलिंग टीम गठित की गई थी। हर टीम में चार अधिकारी व कर्मचारी थे। इनमें एक मतदान अधिकारी, एक माइक्रो ऑब्जर्वर, एक सुरक्षा कर्मी और एक वीडियोग्राफर शामिल रहा। विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों में पात्र मतदाताओं को घर से मतदान का विकल्प चुनने से संबंधित फॉर्म वितरित किए गए थे। जिन मतदाताओं ने घर से मतदान करने को लेकर अपने फॉर्म संबंधित निर्वाचन अधिकारी के पास जमा करवाए । उन्होंने शनिवार को घर से मतदान कर चुनाव आयोग की इस पहल का स्वागत किया।
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ये बोले मतदाता :
कोट्स
पहली बार घर पर किया मतदान
आदियाना गांव निवासी किशनी पत्नी महा सिंह ने बताया कि मेरी उम्र 80 वर्ष से ज्यादा है। मैं 11 से ज्यादा बार अपने मत का प्रयोग कर चुकी हूं। पहली बार घर पर मतदान किया है। आयोग का यह अच्छा प्रयास है।

-कोट्स
आयोग की व्यवस्था सराहनीय
सींक गांव निवासी धनपति पत्नी पूर्ण सिंह ने बताया कि 85 वर्ष की उम्र हो चुकी है। इस बार मतदान को लेकर चिंता थी। मैंने पहली बार घर पर अपने मत का प्रयोग किया है। आयोग की यह व्यवस्था का सराहनीय है।

कोट्स
लोकतंत्र के प्रति बढ़ा विश्वास

87 वर्षीय रामधारी ने बताया कि मैं वृद्ध हो चुका हूं। अब ज्यादा चल नहीं सकता, लेकिन मतदान को लेकर पूरा जोश था। मैं केंद्र पर जाकर मतदान करना चाहता था, लेकिन शरीर साथ नहीं दे रहा था। आयोग की इस नई व्यवस्था से लोकतंत्र के प्रति मेरा विश्वास बढ़ा है।

वर्जन :
लोकसभा चुनाव को लेकर इस बार जिले में 70 प्रतिशत मतदान का लक्ष्य रखा है। इसको लेकर स्वीप गतिविधियों के तहत मतदाताओं को लगातार जागरूक किया जा रहा है। स्कूल व कॉलेजों में कार्यक्रम करने के साथ गांवों व शहरों में भी जागरूक कार्यक्रम किए जा रहे हैं। लोगों को बुजुर्गों से सीख लेनी चाहिए।
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डाॅ. वीरेंद्र कुमार दहिया, उपायुक्त एवं जिला निर्वाचन अधिकारी।
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