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हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा जिला न्यायालयों कोर्ट में लगाई लोक अदालत

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राष्ट्रीय लोक अदालत में 799 केसों की सुनवाई में मात्र 79 केसों में हुआ समझौता
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अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण के सौजन्य से हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा जिला न्यायालयों कोर्ट में शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत लगाई गई। पानीपत में कुल 799 केसों पर सुनवाई हुई। जिनमें से मात्र 79 केसों में दोनों पक्षों में समझौता हुआ। सेटलमेंट राशि के रूप में 44 लाख 22 हजार 356 रुपये वसूले गए।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव व सीजेएम मोहित अग्रवाल ने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत में पानीपत से 799 केसों को शामिल किया गया। जिसमें मात्र 79 केसों में समझौता हुआ। सेटलमेंट राशि के रूप में 44 लाख 22 हजार 356 रुपये वसूले गए। सबसे अधिक बैंक रिकवरी से संबंधित 798 केस और एक अन्य की सुनवाई हुई।
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फोटो कोट्स
एसबीआई बैंक बापौली से 2012 में 2.36 लाख का एजूकेशन लोन लिया था। उस समय नौकरी लगने के बाद लोन की किश्त चुकाने की बात हुई थी। बीटेक में उसने 78 प्रतिशत अंक हासिल किए है। लेकिन अभी तक उसे नौकरी नहीं मिली है। जिस कारण वह अभी लोने की किश्त देने में असमर्थ है। बैंक वालों ने लोक अदालत में समझौता नहीं किया।
राजेश, ताजपुर, बापौली, पीड़ित।
फोटो कोट्स
बिहौली स्थित बैंक से 2009 में करियाना की दुकान के लिए दो लाख का लोन लिया था। लेकिन जब से उसने दुकान खोली है। तब से उसका काफी नुकसान हो गया। जिस कारण वह एक भी किश्त नहीं भर पाया। वहीं वह अभी एक फैक्ट्री में सिक्योरिटी गार्ड के रूप में कार्य कर रहा है। जिसमें उसकी तनख्वाह मात्र साढ़े सात हजार रुपये है। जिससे वह अब घर का गुजारा चलाना भी मुश्किल हो गया है। वहीं लोक अदालत में भी कोई फैसला नहीं लिया गया।
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सतबीर, बिहौली, पीड़ित।
फोटो कोट्स
छह माह पहले आपस में कुछ कहासुनी होने के कारण एक दुसरे में लड़ाई हो गई थी। जिसके बाद पत्नी राधा ने कोर्ट में केस कर दिया। लेकिन अब हमारा समझौता हो गया है। वहीं जज के सामने अपने ब्यान भी दे दिया है। अब वह आपस में कोई लड़ाई नहीं करेंगे।
अरुण-राधा, विकास नगर पानीपत।
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