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-एनडीआरएफ को भी बचाव कार्य तेज करने में आ रही है दिक्कत

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अमर उजाला ब्यूरो
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पानीपत। गुरुद्वारा पहली पातशाही में बचाव कार्य के दौरान करीब तीन मंजिला ऊंचा गुंबद दो मंजिल नीचे आ गया है। गुंबद अब बचाव कार्य शुरू करते ही हिल रहा है। इससे गुंबद के ऊपर गिरने का खतरा है। कटर मोटी सरियों को काटने में कंपन पैदा कर रहे हैं। इससे धूल उड़ रही है।
एनडीआरएफ की दूसरी कंपनी के साथ डॉग स्क्वायड भी पहुंच गया है। दोनों कंपनी टीमों में बंटकर काम कर रही हैं। एक टीम में चार स्कॉट बनाकर बचाव कार्य किया जा रहा है। एक अधिकारी के अनुसार एक स्कॉट में छह जवान होते हैं। वे एक के बाद एक बचाव कार्य करते हैं। इलेक्ट्रिक कटर से होने वाली वाइब्रेशन को रोकने के लिए गैस कटर मंगवाया गया है। इससे सरियों को काटा जा रहा है।
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सीएम बोले वाहे गुरुजी दी मर्जी आग्गे किसी दी न चल दी
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने गुरुद्वारा में बचाव कार्य का दौरा करने के बाद सेवादार के परिवार को ढांढस बंधाई। सीएम ने कहा कि घटना बड़ी दुखदायी है, वाहे गुरुजी दी मर्जी आग्गे किसी दी न चलदी। जिंदगी बड़ी लंबी है। जिंदगी में सुख-दुख चलता रहता है। इतना ही कुछ सुनते ही दर्शन सिंह का बेटा रो पड़ा। सीएम ने उसको सांत्वना दी। पाठी देवेंद्र सिंह के परिवार का भी रो-रोकर बुरा हाल है। बताया जा रहा है कि देवेंद्र की जुलाई में शादी है।
पाठी के परिवार की अटकी है सांस
पाठी देवेंद्र सिंह का समाचार लिखे जाने तक कोई सुराग नहीं मिल है। इससे उनके परिवार की सांस अटकी हुई है। एलडीआरएफ को लुक विक्टिम कैमरा में दो लोग ही मलबे के नीचे नजर आए हैं। इनमें से सेवादार दर्शन सिंह का शव बरामद हो चुका है। दूसरे की भी मौत होने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, इस बारे में कोई खुलकर नहीं बोल रहा। पाठी देवेंद्र सिंह के परिजन यमुनानगर के कोतरखाना गांव से पानीपत पहुंच गए।
दुकानें खाली कराना किया शुरू
गुरुद्वारे में चल रहे बचाव कार्य के दौरान बार-बार मलबा गिर रहा है। ऐसे में बाजार की दीवारा गिराना जरूरी हो गया है। प्रशासन ने मुख्यमंत्री के जाते ही दुकानदारों को दुकान खाली करने के आदेश जारी कर दिए। इसके साथ ही दुकानदारों ने दुकानों को खाली करना शुरू कर दिया है।
मनोहर लाल ने मनोहर लाल से किया सवाल
मुख्यमंत्री मनोहर लाल से भाजपा के वरिष्ठ कार्यकर्ता मनोहर लाल दिलावरी ने सवाल किया। मुख्यमंत्री ने उनकी बात सुनकर हर संभव प्रयास करने का भरोसा दिया। हुआ यूं कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल गुरुद्वारे से जैसे ही बाहर आए और मीडिया से बातचीत करने के बाद आगे बढ़े तो मनोहर लाल दिलावरी ने उन्हें रोक लिया। मनोहर लाल दिलावरी ने कहा कि एनडीआरएफ और प्रशासन का बचाव कार्य में कोई सहयोग नहीं है। न ही संगत द्वारा बचाव कार्य करने दिया जा रहा है। इस तरह से बचाव कार्य चलता रहा तो परिणाम चिंताजनक हो सकते हैं।
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गुंबद के चारों पिलरों से छेड़छाड़ करने पर हुआ हादसा
सिख समुदाय के एक जानकार ने बताया कि गुरुद्वारे को नया रूप देने के नाम पर कई दिन से काम चल रहा था। गुंबद के चारों पिलरों का आकार पांच-पांच फुट का था। बताया जा रहा है कि इसको नया रूप देने के लिए पिलरों को काट दिया गया। बताया जा रहा है कि पांच-पांच फुट चौड़े पिलरों को मात्र डेढ़ या दो फुट ही छोड़ा गया। यहां से पालकी साहब को ले जाकर दूसरे भवन में स्थापित कर दिया। पिलर कमजोर हो गए और गुंबद का वजन नहीं सह सके। यही कारण रहा कि गुंबद दोनों छतों के लेंटरों को तोड़ते हुए नीचे आ गिरा। अमर उजाला माई सिटी गुरुद्वारा भवन के गिरने का कारण ओवरवेट होना पहले ही बता चुका है।
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