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पढ़े लिखो की बनी सरकार, जिले में रिकार्ड 84.1 प्रतिशत मतदान

Mon, 11 Jan 2016 12:51 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/पानीपत
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गांवों में पढ़े लिखों और बेदाग लोगों की सरकार बन गई। पढ़े लिखे खासकर युवाओं को चुनने के लिए मतदाताओं ने भी उत्साह दिखाया और पहले चरण में पानीपत व इसराना खंड में रिकार्ड 84.1 प्रतिशत मतदान रहा।
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इसराना में मतदान प्रतिशत 81.6 व पानीपत ब्लाक में यह प्रतिशत 86.7 रहा। यह मतदान लोकसभा के जिले के मतदान के बराबर रहा। यानी के गांवों के लोगों ने अपनी सरकार को चुनने के लिए केंद्र सरकार चुनने की तरह मतदान किया।

पंचायती राज संस्थाओं के प्रथम चरण में रविवार को पानीपत व इसराना ब्लाक में मतदान हुआ। दोनों ब्लॉकों के मतदान केंद्रों में निर्धारित समय प्रात: साढ़े बजे मतदान शुरू हुआ।
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इसराना के पूठर समेत एक अन्य गांव में बिजली की लॉ वोल्टेज के चलते परेशानी आई। यहां पर मोमबत्ती की रोशनी से ईवीएम को चैक कराया गया। वहीं बिंझौल गांव स्थित एक बूथ पर ईवीएम खराब हो गई।

मतदाताओं को काफी देर दूसरी ईवीएम आने का इंतजार करना पड़ा। इसी तरह निंबरी समेत कई गांवों में सामान्य दिक्कत आई। पहले घंटे में नाममात्र का मतदान हो सका।

इसके अगले घंटे में मतदान प्रतिशत बढ़ने लगा। दोनों ब्लाक में प्रात: नौ बजे पांच प्रतिशत ही मतदान पहुंचा। पहले चार घंटों में पानीपत की अपेक्षा इसराना में मतदान प्रतिशत आगे चला।

 दोपहर होते-होते इसराना का मतदान ठंड पड़ गया और पानीपत का मतदान तेजी पर आ गया। मतदान समय चार बजे पानीपत में 65.9 व इसराना में 57.4 प्रतिशत मतदान हुआ।

इसके बाद मतदान केंद्रों में लाइन में खड़े मतदाताओं को ही मतदान करने का अधिकार दिया गया। यह मतदान भी काफी देर तक चला। इस तरह इसराना खंड में 174 बूथों पर 83062 में से 67794 ने किया मतदान किया। यहां मतदान प्रतिशत 81.6 प्रतिशत रहा। पानीपत ब्लॉक में 158 बूथों पर 78159 में से 67172 ने किया मतदान किया। यहां का मतदान प्रतिशत 86.7 रहा।

रिजल्ट आते ही ढोल नगाड़े व बजे डीजे
गांव की चौधर पाते ही नवचयनित प्रधानों व उनके समर्थकों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। रिजल्ट आते ही गांवों में ढोल, नगाड़े व डीजे बजने लगा। समर्थकों ने नाचते गाते ही जीत का जश्न मनाया और एक दूसरे को बधाई दी। वहीं हारने वालों को मायूसी मिली और अपनी हार को स्वीकार करते हुए अपने-अपने घर पहुंच गए। इनमें से कुछ ने हार-जीत की जोड़तोड़ लगाने लगे।

दिनभर बनते-बिगड़ते रहे समीकरण
पंचायती राज संस्थाओं में सरपंच से लेकर पंच के चुनाव में हार-जीत को लेकर सुबह से लेकर शाम तक समीकरण बनते और बिगड़ते रहे। समर्थक सुबह ही मतदान केंद्र पर पहुंच गए और अपने-अपने एजेंट बूथों पर लगा दिए। सबको किसी तरह की फर्जी वोट या फिर गड़बड़ी होने पर आपत्ति दर्ज कराने की साफ कही गई। बूथों पर मतदाता अपने उम्मीदवारों के वोट डालते रहे और बाहर एक-एक मतदाता के आने-जाने पर जोड़-तोड़ लगाते रहे।
फोटो
मैं गांव के विकास को लेकर सरपंच का उम्मीदवार बना और गांव के हर व्यक्ति को विश्वास दिलाया। ग्रामीणों ने उस पर विश्वास जताया और उनको 2020 वोट देकर जीत दिलवाई। वे ग्रामीणों का आभार व्यक्त करते हैं और ग्रामीणों को किए हर वायदे पर खरा उतरेंगे। वे गांव में विकास कराने के साथ गांव से नशे का खात्मा करेंगे। गांव के हर वार्ड को बराबर लेकर चला जाएगा।
अरुण नांदल, नव चयनित सरपंच, डाहर।

गांव के लोगों ने उनको जिम्मेदारी दी, वे उसको निर्वाह करेंगे और किसी तरह की कमी नहीं रहने देंगे। वे गांव के विकास में किसी तरह की कमी नहीं रहने देंगे। इसको लेकर ग्रामीणों को साथ लेकर चलेंगे।
खुशदिल कादियान, नव निर्वाचित सरपंच, सिवाह।


जिला में हरियाणा पंचायती राज संस्थाओं के प्रथम चरण के चुनाव 10 जनवरी रविवार को स्वतंत्र, निष्पक्ष व शांति पूर्ण और निर्बाध गति से सम्पन्न हो गए है। जिला में प्रथम चरण के चुनाव में 161224 मतदाताओं के लिए 332 मतदान केंद्र बनाए गए थे। पानीपत खंड में कुल 78162 मतदाताओं के लिए 158 मतदान केंद्र  और इसराना खंड में कुल 83062 मतदाताओं के लिए 174 मतदान केंद्र बनाए गए थे। हरियाणा चुनाव आयोग के निर्देशानुसार सभी मतदान केंद्रों पर सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किए गए। परिणामस्वरूप जिला में प्रथम चरण का मतदान पूरी तरह शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ है।
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समीर पाल सरो, जिला निर्वाचन अधिकारी एवं उपायुक्त पानीपत।
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