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दो माह से जिले के 34 हजार बुजुर्गों को नहीं मिल रही बुढापा पैंशन, बैंकों के काट रहे चक्कर

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दो माह से जिले के 34 हजार बुजुर्गों को नहीं मिल रही बुढ़ापा पेंशन, बैंकों के काट रहे चक्कर
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पानीपत। पानीपत जिले में पिछले दो माह से बुजुर्गों की पेंशन नहीं आ रही है। जिसके कारण जिले भर के बुजुर्गों में रोष है। बुजुर्गों का कहना है कि वह पिछले दो माह से बैंकों के चक्कर काट रहे हैं लेकिन बैंक में उनकी बुढ़ापा पेंशन नहीं आ रही है। जिले में लगभग 36 बुजुर्ग पेंशन लेते हैं। समाज कल्याण विभाग के अधिकारी रवींद्र हुड्डा का कहना है कि उनकी तरफ से हर माह जिले के हर बुजुर्ग की बुढ़ापा पेंशन दी जा रही है।
जानकारी देते हुए संजय गुप्ता ने बताया वो वार्ड नंबर नौ में रहते हैं। जनवरी व फरवरी माह में लगभग 20 बार बैंक के चक्कर लगा चुके हैं लेकिन हर बार बैंक अधिकारी पेंशन से मना कर देते हैं। इसके अलावा इसराना से रामफल का कहना है कि उनको जनवरी व फरवरी माह की बुढ़ापा पेंशन नहीं मिली है, जिसके कारण परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसके अलावा समालखा, मतलौडा, सनौली आदि में बुजुर्गों को बुढ़ापा पेंशन नहीं मिली है। वहीं अधिकारियों का कहना है कि उनकी तरफ से हर माह समय से सभी बुढ़ापा पेंशन दी जाती है, अगर उनको पेंशन नहीं मिलती है तो वह लघु सचिवालय में आकर समाज कल्याण विभाग में अपनी समस्या को बता सकते हैं।
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धक्के खाने के बाद भी नहीं मिल रही पेंशन: भान सिंह
बांध निवासी भान सिंह का कहना है कि उसकी दो माह की पेंशन रुकी हुई है। अब तक उनको सरकार की तरफ 4 हजार तक की बुढ़ापा पेंशन नहीं मिली है। अब तक ना जाने कितनी बार बैंक में जा चुके हैं, लेकिन हर बार उन्हें खाली हाथ निराश होकर वापस लौटना पड़ा है।
तीन किलोमीटर दूर बैंक में जाकर करवाना पड़ता है खाता चेक: रोशनी देवी
सनौली स्थित गांव रामड़ा निवासी रोशनी देवी का कहना है कि वो स्कूल में आशा वर्कर के रूप में कार्य करतीं हैं। उनका कहना है कि सरकार की तरफ से बुढ़ापा पेंशन को बैंक खाते द्वारा बुजुर्गों को दी जाती है, लेकिन अब पिछले दो माह से बैंक में कोई पेंशन नहीं आ रही है। उनका कहना है कि बैंक उनके मकान से लगभग दो से तीन किलोमीटर दूर है, वह पैदल जाकर बैंक में पेंशन के बारे में पूछताछ करती है, लेकिन हर बार उसे भी निराश ही वापस लौटना पड़ता है।
पिछले दो माह से बच्चे पूछ रहे कब आएगी दादी पेंशन: चंद्रोदेवी
समालखा स्थित गांव आट्टा निवासी चंद्रोदेवी का कहना है कि वो हर बार पेंशन मिलने के बाद परिवार के सभी बच्चों को जेब खर्च के पैसे देतीं थीं, लेकिन पिछले दो माह से पेंशन नहीं मिल रही है, जिसके कारण हर रोज बच्चे जेब खर्ची के पैसे मांगते रहते हैं। उनका कहना कि उसको हर माह सरकार की तरफ से 2000 रूपये मिलने शुरू हुए, जिसमें से वह लगभग 500 रुपये अपने बच्चों को दे देती थी।
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समाज कल्याण विभाग से जा चुकी है बुढ़ापा पेंशन: हुड्डा
समाज कल्याण विभाग के अधिकारी रवींद्र हुड्डा का कहना है कि विभाग की तरफ से सभी बुजुर्गों की बुढ़ापा पेंशन जा चुकी है, अगर किसी को नहीं मिलती है तो वो सोमवार को अपनी शिकायत लघु सचिवालय के चौथे फ्लोर पर स्थित समाज कल्याण विभाग में दर्ज करा सकते हैं।
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