पहली बार : खुले ग्राउंड में निगमायुक्त ने ली सफाई कर्मचारियों की क्लास, लाइसेंस व आईकार्ड किए चेक
अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत। शहर की बिगड़ती सफाई व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए निगम आयुक्त प्रियंका सोनी ने शहर की सफाई का मोर्चा संभाल लिया है। निगम आयुक्त ने मंगलवार सुबह शहर के सभी सफाई कर्मचारियों को हुडा सेक्टर 13-17 के ग्राउंड में बुलाकर सभी कर्मचारियों की हाजिरी का ब्यौरा लिया व ट्रैक्टर चालकों के लाइसेंस व आर्सी चेक किये। निगमायुक्त ने रेंडमली ट्रेक्टर चालकों से लाइसेंस नाम लेकर लाइसेंस मांगे,जिसके बाद 6 में से एक कर्मचारी ही ऐसा मिला जिसके पास मौके पर लाइसेंस था। बाकियों ने कहा कि उनके पास पर्श नहीं है। वहीं आर्सी की मांग करने पर कर्मचारियों ने मालिक के पास होने का हवाला दिया। जिसके बाद निगमायुक्त ने कर्मचारियों को नियमों के दायरे में रहने के निर्देश दिए। जब आयुक्त ने कर्मचारियों के हाजिरी रजिस्टर की जानकारी ली तो, पूरे माह में एक किसी भी कर्मचारी की छुट्टी नहीं लगी हुई थी, जिसे देखकर निगमायुक्त हैरान रह गई। उसके बाद निगमायुक्त ने कर्मचारियों से बारी बारी करके उनके सफाई क्षेत्र के बारे में जाना व कामचारी ना करने के स त निर्देश भी दिए। गौरतलब है कि निगमायुक्त ने पहले गत दिनों पहले ही एक कर्मचारी को ड्यूटी में लापरवाही बरतने के कारण सस्पेंड किया था।
पूरे माह में एक भी अनुपस्थिति ना मिलने पर हैरान हुई निगमायुक्त :
निगमायुक्त ने सुपरवाजर से लेकर हाजिरी रजिस्टर चेक किया तो उसमें पूरे माह में किसी भी कर्मचारी का अवकाश नहीं मिला, जिसके बाद निगमायुक्त ने हैरान होकर सवाल उठाया कि क्या पूरे माह कोई बीमार तक नहीं हुआ। क्या किसी को कोई आवश्यक काम भी नहीं पड़ा। ऐसी कौन-सी जड़ी बूटी खाते है ये निगम के कर्मचारी। साथ ही निगमायुक्त ने सुपरवाइजर बलकार से सवाल किया कि क्या यह रजिस्टर आज ही बनाया है। जिसके बाद सुपरवाइजर का सिर झुका रहा।
निगम के पास 16 मिनी व 12 बड़े ट्रैक्टर :
शहर की सफाई व्यवस्था के लिए निगम के पास 16 मिनी व 12 बड़े ट्रैक्टर है। छोटे ट्रैक्टरों पर प्रति ट्रैक्टर तीन व बड़े ट्रैक्टरों पर प्रति ट्रैक्टर चार कर्मचारी नियुक्त किए गए है। निगमायुक्त ने इन सभी बातों का संज्ञान लिया व ट्रौलियों में कूड़ा डालने के लिए यंत्रों तक की जानकारी ली। वहीं नाला गैंग के कर्मचारियों से भी उनके सफाई के क्षेत्र का ब्यौरा लिया।
गिले व सूखे कचरे के लिए होंगे अलग-अलग बॉक्स :
निगमायुक्त ने सुपरवाइजर को निर्देश दिए हैं कि सभी ट्रालियों पर पेंट करवाया जाए व उनको दो अलग अलग हिस्सों में बांटा जाए। एक बॉक्स में गिला व एक में सूखा कूड़ा डालने की व्यवस्था की जाए :
रोजाना भेजनी होगी उपस्थित कर्मचारियों की रिपोर्ट:
सुपरवाइजर को निर्देश दे दिए गए हैं कि काम पर मौजूद कर्मचारियों की रिपोर्ट रोजाना बनाकर नगर निगम में भेजी जाए।