टीबी रोगियों की बेहतर मॉनीटरिंग के लिए केमिस्ट करेंगे टीबी रोगियों का नाम व पता नोट
- ताकि मरीजों का सही प्रकार से पंजीकरण हो सके, मार्च में सभी केमिस्ट अपनी रिपोर्ट स्वास्थ्य विभाग को देंगे
संदीप भौरिया
पानीपत। टीबी रोगियों को बेहतर इलाज देने के लिए स्वास्थ्य विभाग केमिस्टों का सहयोग ले रहा है। विभाग ने टीबी रोगियों की बेहतर मॉनीटरिंग के लिए केमिस्टों को उनके पास दवा लेने आने वाले टीबी रोगियों का नाम व पता नोट करने के निर्देश दिए हैं। विभाग केमिस्टों को सरकार की ओर से मिलने वाली टीबी की दवा भी देगा, ताकि वे टीबी के मरीजों को इन दवा को मुफ्त दे सके। केमिस्ट दवा व टीबी रोगियों के रजिस्ट्रेशन की पूरी रिपोर्ट हर माह के प्रथम सप्ताह में स्वास्थ्य विभाग को देंगे। इस योजना का उन टीबी के रोगियों को फायदा होगा जो सरकारी अस्पताल में अपना इलाज न कराकर निजी अस्पतालों में कराते हैं। स्वास्थ्य विभाग जल्द ये योजना लागू करने के प्रयास कर रहा है।
इसलिए इस योजना की शुरुआत की:
स्वास्थ्य विभाग टीबी उन्मूलन का प्रयास कर रहा है। टीबी रोगियों को सरकार की ओर से मुफ्त दवाएं व जांच की जा रही है। अत्याधुनिक आई ट्रयू मशीन से रोगियों की जांच कर जल्द रिपोर्ट दी जा रही है। हर रोज स्वास्थ्य केंद्रों में टीबी के मरीजों को दवा दी जा रही है। जिले में टीबी के 1960 रोगी रजिस्टर्ड हैं। लेकिन 1500 से 2 हजार रोगी ऐसे हैं जिनका निजी अस्पतालों या बाहर से इलाज चल रहा है। विभाग के पास इनका रिकॉर्ड नहीं है। इनकी सही संख्या जानने व सरकारी स्वास्थ्य सेवाएं देने के लिए विभाग ने केमिस्टों का सहयोग लिया है। अब केमिस्ट टीबी के रोगियों को सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी देंगे। विभाग की ओर से दी जाने वाली टीबी की दवा भी देंगे। केमिस्ट इनका नाम, पता व मोबाइल नंबर नोट कर विभाग को देंगे। इसके बाद विभाग इनको कॉल कर लगातार इनके टच में में रहेगा।
6 माह में हो चुकी है 12 टीबी रोगियों की मौत:
टीबी स्वास्थ्य विभाग के लिए बड़ी चुनौती है। जिले में फिलहाल 1960 टीबी रोगी रजिस्टर्ड है।ं पिछले 6 माह में टीबी से 12 रोगियों की मौत हो चुकी है। इसलिए स्वास्थ्य विभाग टीबी पर नियंत्रण पाने के लिए सभी टीबी रोगियों को प्रति दिन उनके नजदीकी स्वास्थ्य केंद्रों में दवा खिला रहा है। अत्याधुनिक आई ट्रूयू मशीन से रोगियों की जांच की जा रही है।
अप्रैल के पहले सप्ताह में केमिस्टों से रिपोर्ट लेंगे: डॉ. मनीष
केमिस्टों ने टीबी के रोगियों की बेहतर मॉनीटरिंग के लिए उनको सहयोग करने का आश्वासन दिया है। जो भी केमिस्ट उनसे दवा की मांग करता है उनको दवा उपलब्ध करा दी जाएगी। अप्रैल के पहले सप्ताह में सभी 170 केमिस्टों से रिपोर्ट लेंगे। केमिस्ट ने पूरा सहयोग करने का विश्वास दिलाया है।
- डॉ. मनीष गोयल, डिप्टी सिविल सर्जन पानीपत।