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यमुना नदी में 51 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा, खतरे के निशान के पास पहुंची

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अमर उजाला ब्यूरो
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सनौली। पहाड़ों में हो रही बारिश के कारण सोमनदी और ताजे वाला हेड से यमुना नदी में चार महीने बाद पानी छोड़ा गया है। इससे पानी शुक्रवार सुबह सनौली गांव के पास स्थित यमुना पुल पर पहुंच गया है। नदी का जल स्तर सुबह से लगातार बढ़ रहा था। सुबह आठ बजे तक पानीपत में जल स्तर पहले 31 हजार और उसके बाद 51 हजार क्यूसेक तक पहुंच गया। इससे यमुना खतरे के निशान थोड़ी नीचे बह रही है। यह पानी रविवार शाम तक दिल्ली पहुंच जाएगा।
यमुना पुल पर नदी में समुद्र तल से जीरो आरएल 225.00 है। यहां से पानी का माप किया जाता है। अब नदी में 226.50 पानी चल रहा है। यह चेतावनी के स्तर 230.00 क्यूसेक मीटर से नीचे बही। देर शाम 226.50 क्यूसेक मीटर पर बह रही थी। यमुना नदी पुल पर बने केंद्रीय जल आयोग कार्यालय के अधिकारियों की माने तो अभी ताजे वाले हेेड से दो बार में 51 हजार क्यूसेक पानी चल रहा है। यह रविवार दोपहर बाद तक यमुना पुल तक आने की संभावना है। जल आयोग की टीम अभी पानी से कोई नुकसान नहीं होने की बात कर रही है। नदी में बढ़ते पानी की वजह से किसानों और नदी से सटे ग्रामीणों ने नदी के अंदर लगे इंजन आदि हटा लिए हैं।
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बाढ़ बचाव के लिए अब तक नहीं लगीं पत्थरों की ठोकरें
हर वर्ष यमुना नदी में नई ठोकरों का निर्माण कराया जाता है। इसके साथ ही पुरानी ठोकरों की मरम्मत भी की जाती थी। इस बार पत्थरों की ठोकरे बनाने का काम शुरू नहीं हुआ है। केंद्रीय जल आयोग के जेई लोकेंद्र ने बताया कि रात को पानी का स्तर बढ़ने की संभावना है। दूसरी ओर यमुना नदी से सटे गांव राणामाजरा, पत्थरगढ़, नवादा-आर, नवादापार, गढ़ी बेसक, जलालपुर, तामशाबाद, सनौली खुर्द, रामड़ा आर, नन्हेडा, रिशपुर, अधमी, जलमाणा, गोयला खुर्द, मिर्जापुर, गोयला कलां, खोजकीपुर गांवों की हजारों एकड़ ईख, ज्वार, ढैंचा, तरबूज, खरबूजे, घीया और पेठे की फसलों में पानी भर गया है। इससे इनके खराब होने की आशंका है। इस बारे में सिंचाई विभाग के एसडीओ कर्मबीर सिंह का कहना है कि अभी तक नदी का पानी नियंत्रण में है। बाढ़ से निपटने का पूरा इंतजाम किए जा रहे है।
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