आंधी और बारिश में चरमराई बिजली, पानी निकासी की खुली पोल, किसानों के खिले चेहरे
अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत। जिले में सोमवार रात आई आंधी व बारिश में बिजली व्यवस्था चरमरा गई। वहीं पानी निकासी के प्रबंध भी नाकाफी नजर आए। जिससे शहर में विभिन्न जगहों पर पानी जमा रहा। लोगों का कहना है कि अगर प्री मानसून में इतनी दिक्कत है तो मानसून में तो लोग घरों से ही बाहर नहीं निकल पाएंगे। देर रात चली तेज आंधी के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में पेड़ व खंभे टूटने से बिजली गुल हो गई। ग्रामीण क्षेत्रों में 10 से 15 घंटे तक बिजली गुल रही, वहीं शहरी क्षेत्र में भी चार से छह घंटे तक बिजली गुल रही। बिजली कर्मचारियों ने मंगलवार सुबह टूटी तारों और खंभों को दुरुस्त कर बिजली व्यवस्था सुचारु की। जिले में 16 एमएम बारिश दर्ज की गई। मौसम विशेषज्ञों का अनुमान है कि आने वाले दो दिनों तक आसमान में बादल छाए रहेंगे और बारिश के भी आसार बने हुए हैं।
जिले में सोमवार रात आंधी के साथ आई बारिश मंगलवार सुबह तक जारी रही। मौसम विशेषज्ञों की माने तो सोमवार रात आठ किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चली और रातभर बारिश होती रही। जिसके चलते रात करीब नौ बजे पूरे जिले की बिजली गुल हो गई। शहर क्षेत्र में करीब साढ़े दस बजे बिजली आ गई, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में सुबह तक बिजली नहीं आ सकी। इस कारण लोगों को अपने दैनिक कार्य निपटाने में परेशानी का सामना करना पड़ा। मंगलवार सुबह भी बूंदाबांदी के चलते शहर के कई हिस्सों की बिजली गुल रही।
बाहरी कॉलोनियों और रेलवे अंडरब्रिज पर दिक्कत
प्री मानसून की बारिश के चलते सबसे ज्यादा परेशानी बाहरी कॉलोनियों में रहने वाले लोगों को उठानी पड़ी। बाहरी कॉलोनियों की सड़कों व गलियों में पानी जमा हो गया। यहां पर पानी निकासी न होने पर लोगों को परेशानी उठानी पड़ी। वहीं रेलवे के अंडरब्रिज में पानी जमा होने से पूरा दिन आवाजाही बंद रही। ऐसे में रेलवे के ओवरब्रिजों पर अतिरिक्त दबाव रहा। जिसके चलते ओवरब्रिज पर दिनभर जाम जैसी स्थिति बनी रही।
ये फीडर रहे ब्रेकडाउन
220केवी समालखा से सात फीडर, 132केवी छाजपुर के छह फीडर के अलावा शहर के 11केवी नूरवाला, श्रीराम, तहसील कैंप फीडर चार से छह घंटे तक ब्रेक डाउन रहे। बिजली व्यवस्था चरमराने से लोगों को परेशानी उठानी पड़ी।
कहां कितनी बरसात हुई
पानीपत 07 एमएम
समालखा 36 एमएम
इसराना 15 एमएम
बापौली 06 एमएम
ग्रामीण क्षेत्रों में 10 से 15 घंटे तक गुल रही बिजली
सोमवार रात तेज हवाओं के साथ हुई बारिश में मतलौडा क्षेत्र में कई स्थानों पर पेड़ व खंभे टूट गए। जिससे बिजली व्यवस्था चरमरा गई। मतलौडा, भालसी, उंटला व आस-पास के गांवों में सोमवार रात करीब आठ बजे गुल हुई बिजली मंगलवार करीब दस बजे के बाद ही सुचारु हो पाई। बिजली न आने के कारण ग्रामीणों को परेशानी उठानी पड़ी।
बारिश से किसानों के चेहरे खिले
सोमवार रात से जारी बारिश से किसानों के चेहरे खिले नजर आ रहे हैं। किसानों ने धान की रोपाई के लिए खेतों को तैयार करने के साथ ही धान रोपाई का कार्य भी शुरू कर दिया है। कृषि विशेषज्ञों की माने तो प्री मानसून की बारिश धान की फसल के लिए काफी सहयोगी साबित होगी। हालांकि किसानों को धान रोपाई के लिए जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए। अभी धान रोपाई करने का उचित समय नहीं आ पाया है।
तेज आंधी और बारिश में कई जगह खंभे गिरने के चलते बिजली चली गई थी। बिजली निगम की टीमों ने बिजली बहाल करने का काम तुरंत शुरू कर दिया। कई जगह बिजली ठीक होने में कुछ समय लगा है। जिस कारण कुछ दिक्कत रही है।
बीएस मान, एसई, बिजली निगम पानीपत।