पानीपत। नियम-134-ए के तहत स्कूल दाखिले नहीं दे रहे हैं। इन गरीब परिवारों के बच्चों के माता-पिता जब स्कूल प्रबंधक से बात करने पहुंचे तो उन्हें खरी-खोटी सुननी पड़ी। स्कूल संचालकों ने कहा कि भले ही हमारे स्कूल में ताला लटक जाए और कटोरा लेकर भीख मांगनी पड़ जाए, लेकिन दाखिले नहीं देंगे। अभिभावकों का आरोप है कि डीएवी स्कूल संचालक ने दो टूक कह दिया कि जब तक सरकार उनकी बकाया रकम नहीं देगी, वह किसी भी बच्चें का नियम-134ए के तहत दाखिला नहीं लेंगे।
बता दें कि सरकार और स्कूल संचालकों की इस रस्साकसी में नुकसान गरीब बच्चों का हो रहा है, जिनका कोर्स पिछड़ता जा रहा है और दाखिला नहीं हो रहा है। उधर, शिक्षा विभाग ने भी स्कूल संचालकों को नोटिस जारी कर दिया है, लेकिन मसले का हल निकलता नहीं दिख रहा है।
बच्चों को दाखिले नहीं दिए जाने के मामले लगातार सामने आने के बाद अभिभावकों ने बुधवार को डीइओ और उपायुक्त से इसकी शिकायत की। डीइओ ने स्कूलों के खिलाफ नोटिस जारी करते हुए उन्हें निर्देश दिया है कि अगर किसी भी स्कूल संचालक ने फर्स्ट-ड्रा के बच्चों का दाखिला 10 मई तक नहीं किया तो उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। उनके स्कूल की मान्यता रद्द कर दी जाएगी और इसका जिम्मेदार स्कूल प्रबंधन होगा। स्कूल संचालकों को दिए नोटिस पर शिक्षा विभाग कितना गंभीर है, यह उनकी आगे की कार्रवाई ही बताएगी।
अभिभावकों ने जीटी रोड पर किया प्रदर्शन : नियम 134-ए के तहत 18 अप्रैल को सभी बच्चों की ओर से दी गई परीक्षा का परीणाम आ गया था। इसके बाद एक मई को फर्स्ट-ड्रा निकाला गया। इसमें बच्चों को स्कूल अलॉट किए गए, लेकिन तब से अब तक दाखिले नहीं हुए हैं। इससे नाराज अभिभावकों ने बुधवार को जीटी रोड पर प्रदर्शन किया और स्कूल संचालकों के खिलाफ नारोबाजी की। इसके बाद उन्होंने डीइओ और उपायुक्त को स्कूल संचालकों के खिलाफ ज्ञापन सौंपा। जिस पर कार्रवाई के नाम पर डीइओ ने सभी स्कूल संचालकों को नोटिस भेज दिया और उन्हें 10 मई तक का वक्त दिया है।
उपायुक्त के साथ बैठक में भी बकाया भुगतान पर नहीं निकला हाल : उपायुक्त सुमेधा कटारिया ने बुधवार को लघु सचिवालय के सभागार में जिले के प्राइवेट स्कूलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की। लेकिन यहां भी नियम-134ए के तहत किए गए दाखिलों के बकाया पर कोई हल नहीं निकल सका। उन्होंने स्कूल संचालकों से कहा कि नियम134-ए के तहत दाखिलों को प्राथमिकता दें। उच्च न्यायालय के निर्देशानुसार यह जरूरी है। जिले के प्राइवेट स्कूलों में एक लाख 15 हजार बच्चे पढ़ाई कर रहे हैं, जबकि 134-ए के तहत 2 हजार 922 बच्चों का दाखिला होना है।
दो जमा पांच मुद्दे जन आंदोलन के जिलाध्यक्ष सोकेंद्र बालियान ने आरोप लगाया कि जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी धर्मबीर कादियान भ्रष्ट अधिकारी हैं। उन्होंने कहा कि उन्हीं की वजह अभी तक गैर मान्यता प्राप्त स्कूल चल रहे हैं और स्कूल संचालक स्कूलों में गरीब बच्चों को दाखिले नहीं दे रहे हैं। वह प्राइवेट स्कूलों से मिले हुए हैं, जिसके कारण उनपर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। उन्होंने उनके खिलाफ सीएम विंडो, उपायुक्त व डीइओ को शिकायत दी है।
अभिभावक देवराज का कहना कि जब वह अपनी बच्ची राधिका का दाखिला करवाने के लिए डीएवी हुडा स्कूल में गए तो उन्होंने कहा कि वह तब तक स्कूल में बच्चों का दाखिला नहीं लेंगे जब तक सरकार उनकी ग्रांट नहीं दे देती। वह स्कूल में ताला लगा देंगे और कटोरा लेकर सड़कों पर उतर जाएंगे, लेकिन 134 ए के बच्चों का दाखिला नहीं करेंगे।
अभिभावक रवि का कहना है कि उसकी बेटी तनीशा का स्कूल डीएवी हुडा अलॉट हुआ है। उसका दाखिला 5वीं कक्षा में होना है। जब स्कूल के संचालक के पास गए तो उन्होंने दाखिला लेने से साफ तौर पर मना कर दिया। उन्होंने कहा कि जब सरकार ही उनकी बात नहीं मान रही है तो वह उनकी बात क्यों माने। अभिभावक का कहना है कि तीन दिन पहले जब वह गए तो टीसी का बहाना लेकर उनको भगा दिया, फिर जब वह टीसी लेकर गए तो फिर मना कर दिया।
नाराज अभिभावकों ने बुधवार को सभी स्कूलों के खिलाफ शिकायत दी है। उन्होंने आरोप लगाया कि कोई भी स्कूल 134 ए के तहत पास बच्चों को दाखिला नहीं ले रहे हैं। इसके कारण 2 हजार 922 बच्चों का भविष्य खराब हो रहा है। उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है, लेकिन किसी भी स्कूल को इस बात का असर नहीं पड़ रहा। शिकायत पर उनको आश्वासन दिया गया है कि गुरुवार को सभी स्कूलों में दाखिले हो जाएंगे। उन्होंने स्कूल संचालकों को नोटिस भेज दिए हैं।