पानीपत। शहर के 42 एमएलडी वाटर की क्षमता वाले कॉमन एफ्लूएंट ट्रीटमेंट प्लांट (सीईटीपी) को सरकार की ओर से इंवायरमेंट क्लीयरेंस मिल गया है। अब एचएसवीपी ने प्लांट चालू करने के लिए मुख्यालय से कनसेंट टू इस्टैबलिस व कनसेंट टू ऑपरेट की परमिशन मांगी है। ये परमिशन मई माह के अंत तक मिलने की उम्मीद है। ऐसे में सीटीई व सीटीओ मिलते ही प्लांट जून माह तक चालू हो जाएगा। इंवायरमेंट क्लीयरेंस न मिलने से करीब एक साल से प्लांट का कार्य रूका हुआ है। अब अप्रैल माह में ये क्लीयरेंस मिली है। पिछले साल 31 अगस्त को सरकार ने सीईटी प्लांट के उद्घाटन की घोषणा की थी।
2008 में चालू किया था 21 एमएलडी प्लांट
हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण ने 2002 में सेक्टर-29 पार्ट-टू अलॉट किया था। यहां पर धीरे-धीरे डाई हाउस और फैक्टरी डेवलप होने लगी। प्राधिकरण ने 2008 में 21 एमएलडी का सीईटीपी चालू कर दिया था। फैक्टरी मालिकों ने इसकी क्षमता मांग उठाई। सरकार ने इसकी कैपेसिटी दोगुना करने की घोषणा की।
49 करोड़ में बनकर तैयार हुआ है 42 एमएलडी क्षमता का सीईटीपी
2014 में सरकार ने सेक्टर-29 पार्ट-टू में 42 एमएलडी के सीईटीपी की क्षमता बढ़ाने के लिए 49 करोड़ रुपये मंजूर किए थे। प्राधिकरण ने 2018 में जून में प्लांट का निर्माण कार्य पूरा कर दिया था। इसको चलाने के लिए कई प्रकार के सर्टिफिकेट की जरूरत है। जिस कारण ये अब तक चालू नहीं हो पाया है। जून माह तक इसके चालू होने की उम्मीद है।
सेक्टर की सड़कों से निकल पाना हुआ मुश्किल :
सेक्टर-29 पार्ट-टू में करीब 350 डाई हाउस और फैक्टरी है। इनसे हर रोज करीब 42-45 एमएलडी पानी निकल रहा है। सीईटीपी की क्षमता 21 एमएलडी है। ऐसे में करीब 41-43 एमएलडी पानी हर रोज सेक्टर की सड़कों और खाली प्लांटों में जमा हो जाता है।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने भी जल्द प्लांट चालू करने के दिए थे निर्देश
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीमें लगातार पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाली फैक्टरियों पर कार्रवाई कर रही है। उद्योगपति लगातार बोर्ड को अपनी परेशानी बता रहे हैं। उद्योगपतियों की परेशानी सुनने के बाद बोर्ड ने जल्द प्लांट को चालू करने के निर्देश दिए थे।
प्लांट का चालू करना जरूरी: राणा
सीईटीपी प्लांट का चालू होना जरूरी है। वो भी लगातार प्लांट को चालू करने के लिए जनप्रतिनिधियों से मिल रहे थे। सीईटीपी प्लांट चालू होने से फैक्टरियों से निकलने वाला पानी सड़कों पर नहीं बहेगा। पर्यावरण को भी नुकसान नहीं पहुंचेगा। प्लांट का जल्द चालू होना जरूरी है।
भीम राणा, जिलाध्यक्ष डायर्स एसोसिएशन
जून माह तक प्लांट चालू करने का कर रहे प्रयास : सिंह
प्लांट को इंवायरमेंट क्लीयरेंस मिल चुका है। अब सीटीई व सीटीओ के लिए अप्लाई किया है। ये मिलते ही प्लांट को चालू कर दिया जाएगा। जून माह तक उनका प्रयास है कि प्लांट को चालू कर दिया जाए।
जगमाल सिंह, एक्सईएन हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण।