बेटे की जीत पर भावुक हुए पिता, मां खिलाएंगी बेटे को चूरमा
पानीपत। पूरा परिवार नीरज के सपने को साकार करने में जुटा हुआ है। चाचा ने नीरज के साथ मेहनत की और उसको यहां तक पहुंचाने में अहम रोल अदा किया। वहीं दूसरी ओर पिता सतीश बेटे नीरज का खेल का खर्च निकालने के लिए मध्य प्रदेश में ठेके पर 35 एकड़ भूमि ठेके पर ली है। पिता वहां दिन रात मेहनत कर रहे हैं। अमर उजाला से बात करते हुए पिता सतीश भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि ये नीरज की तपस्या का फल उसे मिला है। अब वह उनका ही नहीं बल्कि पूरे देश का बेटा है। तीन दिन पहले बेटे से व्हाट्सएप पर बात हुई थी। उसने बेटे को कहा था कि बस अपना बेस्ट देना, गोल्ड तुम्हारा ही होगा। उनको नीरज की मेहनत पर पूरा भरोसा था। नीरज का मैच देखने के लिए उन्होंने 24 घंटे तक इंवर्टर की बैटरी बचा कर रखी थी। मां सरोज ने बताया कि नीरजु का पसंदीदा खाना चूरमा है। नीरज के स्वागत में वहां खुद एयरपोर्ट पर जाएंगी और चूरमे से नीरजु का मुंह मीठा करवाएगी।