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31 बेड पर 93 प्रसूता भर्ती, अलग अलग बेड की मांग के लिए किया हंगामा

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ोटो सं या - 7 से 14
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31 बेड पर 93 प्रसूताएं भर्ती, अलग-अलग बेड की मांग के लिए किया हंगामा
प्रसूति विभाग के स्टाफ का कहा- क्या हम अपने घरों से बेड ले कर आये, जितने बेड हैं, सभी प्रसूताओं को कर दिया समायोजित
अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत।
सामान्य अस्पताल के प्रसूति विभाग के 31 बेड पर 93 गर्भवती महिलाएं भर्ती हैं। प्रत्येक बेड पर 3-3 प्रसूताएं लेटने को मजबूर हो रही हैं। शनिवार को प्रसूति विभाग में अलग-अलग बेड की मांग को लेकर गर्भवती महिलाओं ने हंगामा किया। करीबन 1 घंटे तक विभाग में स्टाफ के साथ प्रसूताओं व उनके परिजनों की बहस होती रही। लेकिन समस्या का निवारण नहीं हुआ। प्रसूति विभाग स्टाफ का कहना था कि हम क्या अपने घरों से बेड ले कर आएंगे। जितने हमारे बेड हैं, हमने उन पर सभी प्रसूताओं को समायोजित कर दिया है। आलम ये है कि जिस विभाग में लगभग 90 के करीब बेड होने चाहिए, वहां सिर्फ 31 बेड हैं। रोजाना 30 के करीब महिलाओं की डिलीवरी होती है। 40 के करीब गर्भवती महिलाएं आती हैं।
दूसरी महिला का पेट में लगा पैर, हुआ दर्द
एक बेड पर हम दो महिलाओं को लिटा दिया गया है। दूसरी महिला का पैर मेरे पेट पर लगा, जिस कारण मुझे काफी दर्द हुआ। जिसके बारे में मैंने स्टाफ को बताया तो उनका कहना है कि ये दर्द गर्भावस्था के दौरान हो ही जाता है।
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- ज्योति, प्रसूता, नूरवाला निवासी।
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डॉक्टर जबरदस्ती छुट्टी कर रहे
अभी मैं चलने फिरने के हालत में बिल्कुल भी नहीं हूं। लेकिन डॉक्टर मेरी जबरदस्ती छुट्टी कर रहे हैं। उनका कहना है कि 3 दिन से ज्यादा किसी डिलिवरी के बाद किसी भी महिला को यहां नहीं रखा जाता है।
- गुलिस्ता, हथवाला रोड, समालखा।
उल्टी की हुई चद्दर को भी नहीं बदल रहे
मेरे साथ दूसरी गर्भवती महिला को लिटाया हुआ था। शुक्रवार दोपहर को उसने बेड पर ही उल्टी कर दी थी। जिसके बारे में मैंने यहां के स्टॉफ को बताया। लेकिन अभी तक उन्होंने चद्दर नहीं बदली है। हमारी किसी भी तरह की कोई सुनवाई नहीं हो रही।
- दीपा, प्रसूता, रामनगर कॉलोनी
बेड की कमी के कारण 1 बेड पर 2 को लिटाया हुआ है
हमारे पास जितने बेड हैं, उस हिसाब से मरीजों की संख्या बहुत ज्यादा है। यहां 31 बेड हैं, जबकि मौजूदा समय में 93 गर्भवती महिलाएं हैं। ऐसे में हमारी कोशिश रहती है कि हम सभी महिलाओं को सुरक्षित तरह से बेड पर आवंटित किया जा सके।
-डॉ. लिपिका, प्रसूति विभाग।
नई बिल्डिंग शुरू होने पर समस्या हल होगी
अस्पताल परिसर में जो नई बिल्डिंग बन रही है। उसके शुरू होने के बाद ही समस्या का पूरा तरह से हल हो पाएगा। मौजूदा समय में बेड की कमी के कारण समस्या गंभीर है।
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-संतलाल वर्मा, सीएमओ, सामान्य अस्पताल।
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जच्चा-बच्चा दोनों को इन्फेक्शन का डर
एक साथ एक ही बेड पर दो गर्भवती महिलाओं व उनके बच्चों को एक साथ सोने से इंफेक्शन हो सकता है। जोकि उनके लिए ताउम्र घातक हो सकता है। इसके अलाव गर्मी ज्यादा होने के कारण उनमें एक साथ लेटने से उनको चर्म रोग भी हो सकते हैं।
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