अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत।
सिविल अस्पताल की 33 करोड़ में बनी बिल्डिंग में अब तक जनरेटर की सुविधा नहीं की गई है। हर रोज सिविल अस्पताल में दो घंटे बिजली का कट लगता है। डॉक्टरों और मरीजों को बिजली कट के कारण परेशानी का सामना करना पड़ता है। अस्पताल में 52 लाख में जनरेटर की व्यवस्था होनी है। मगर अब तक बिजली बैकअप की व्यवस्था नहीं है। इसके अलावा डॉक्टरों व मरीजों के लिए पीने के पानी की भी सुविधा नहीं की गई। डॉक्टरों को घर से पीने का पानी लाना पड़ता है, जबकि मरीज पानी के लिए धक्के खाते हैं।
बिल्डिंग का तापमान पहुंच जाता है 40 डिग्री के पास
सिविल अस्पताल की बिल्डिंग में एयर वेंटिलेशन नहीं किया गया है। बिल्डिंग चारों तरफ से बंद है। इसके अलावा बिल्डिंग एयर कंडीश्नर भी नहीं है। लाइट जाने के बाद बिल्डिंग के अंदर का तापमान 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाता है। ऐसे में मरीजों व डॉक्टरों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
वह स्किन रोग से पीड़ित है। सिविल अस्पताल में दवा लेने के लिए आया था। यहां पीने का पानी नहीं मिला। बिजली भी नहीं है। सभी डॉक्टर और मरीज परेशान है। अस्पताल में सुविधाओं का बहुत टोटा है।
- प्रेमपाल निवासी गांव सालवन
अस्पताल में अकसर लाइट गुल रहती है। यहां पर जनरेटर की सुविधा नहीं दी गई है। मरीजों की भीड़ के कारण परेशानी अधिक बढ़ जाती है। बिजली न होने के कारण हाथ से ही हवा करनी पड़ती है।
- राजू निवासी, निवासी देसराज कॉलोनी
जनरेटर आने की प्रक्रिया चल रही है। अस्पताल में बिजली का 52 लाख में सेटअप लगना है। अस्पताल में जल्द वाटर कूलर लगाए जाएंगे। चार कूलर मंगवा रखे हैं।
- डॉ. संतलाल वर्मा, सिविल सर्जन पानीपत।
फोटो 3 से 8
सिविल अस्पताल में बिजली कटौती से मरीज परेशान
लाइट कटती है तो बैकअप के लिए जेनरेटर की सुविधा नहीं