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बस एक क्लिक से जनरेट होगा ई-वे बिल, टैक्स चोरी कसेगी नकेल

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ई-वे बिल राज्य के अंदर भी लागू, पहले दिन हुई परेशानी
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अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत।
ई-वेे बिल बिक्री कर राज्य के अंदर भी लागू हो गया है। कुछ समय पहले विभाग ने ई-वे बिल को राज्य से बाहर सामान भेजने व सामान मंगवाने के लिए लागू किया था। लेकिन अब शुक्रवार से इसका दायरा बढ़ा दिया गया है और राज्य में भी एक स्थान से दूसरे स्थान पर भेजने के लिए दुकानदार व संचालक को ई-वे बिल काटना पड़ेगा। वहीं पहले दिन कई दुकानदारों व व्यापारियों को ई-वे बिल काटने में परेशानी हुई, क्योंकि दुकानदारों ऑनलाइन काटने की जानकारी नहीं थी।
बिक्री कर विभाग के आयुक्त वीके बैनीवाल ने बताया कि दुकानदार व कंपनी संचालक अपने मोबाइल, कंप्यूटर व लैपटॉप के जरिये ई-वे बिल काट सकते हैं। इसके लिए दुकानदार व व्यापारी को ई-वे बिल की साइट पर जाकर अपना पंजीकरण करवाना होगा। पंजीकरण करवाने के बाद दुकानदार व व्यापारी साइट पर जाकर बस क्लिक करवाना होगा, उसके तुरंत बाद ई-वे बिल जनरेट हो जाएगा।
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दुकानदार राजेंद्र गहलोत ने बताया कि शुक्रवार से ही ई-वे बिल हुआ है। ऑनलाइन कार्य करने का अनुभव नहीं है। उन्हें 2-4 दिन में इसके बारे में जानकारी होगी। दुकानदार गुलाब सिंह ने बताया कि अभी ई-वे बिल काटने की समझ नहीं है। 5-7 बिल काटने के बाद उन्हें पता चल जाएगा कि किस प्रकार से ऑनलाइन जनरेट करना है।
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ग्राहक लक्खन बैरागी ने बताया कि ई-वे बिल अनिवार्य होने के कारण सामान खरीद कर लेते जाते वक्त उन्हें अब कोई भी आरटीए व बिक्री कर विभाग का अधिकारी व पुलिसकर्मी रास्ते में परेशान नहीं करेगा। ग्राहक दिवेश कुमार ने बताया कि जब दुकानदार बिल काटता है तो वह सामान की रकम के साथ ही टैक्स को जोड़ देता है। इस कारण ई-वे बिल का सारा बोझ खरीदार की जेब पर पड़ेगा। सरकारी राजस्व में भी बढ़ोतरी होगी।
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