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लिफ्ट न चलने से गुस्साए मंत्री विज ने बैठक में आते ही एएसआई को किया सस्पेंड, धमकी देने वाले मकान मालिक को कराया गिरफ्तार

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फोटो-16 व 17
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लिफ्ट न चलने से गुस्साए मंत्री विज ने बैठक में आते ही एएसआई को किया सस्पेंड, धमकी देने वाले मकान मालिक को कराया गिरफ्तार
- पानीप निवासी महिला ने 2016 में लड़की के अपहरण व दुराचार के मामले में कार्रवाई न करने का लगाया आरोप
- विज ने डीएसपी की रिपोर्ट को सुनकर कार्रवाई न करने पर चिंता जताई
- महिला का आरोप एएसआई ने इस मामले में उनके बयान पर नहीं की कार्रवाई

अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत।
लघु सचिवालय में लिफ्ट न चल पाने से गुस्साए स्वास्थ्य एवं खेल मंत्री अनिल विज जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक में आते ही पहली शिकायत पर पुलिस के एक एएसआई को सस्पेंड कर दिया और दंपति को धमकाने वाले मकान मालिक को बैठक के बाहर से ही गिरफ्तार करा दिया। आरोप है कि जांच अधिकारी ने मुकदमा दर्ज करते समय महिला के बयानों अनुसार अपहरण व दुराचार की धाराओं को नहीं लगाया। महिला ने पुलिस अधिकारियों अगली बैठक कर मुकदमे में कार्रवाई के आदेश दिए।
स्वास्थ्य एवं खेल मंत्री अनिल विज शुक्रवार को लघु सचिवालय स्थित जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक में पहुंचे। वे करीब 55 मिनट देरी से पहुंचे। लघु सचिवालय में गाड़ी से उतरते समय उनका व्यवहार सामान्य था, लेकिन वे जैसे ही लघु सचिवालय की दूसरी मंजिल पर सीढ़ियां चढ़कर सदन तक पहुंचे तो उनका पारा चढ़ गया। उन्होंने बैठक में पहुंचते ही कार्रवाई शुरू कराई।
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शहर की एक कॉलोनी निवासी महिला की पहली शिकायत सदन में रखी गई। महिला व उसके पति ने स्वास्थ्य मंत्री के सामने हाथ जोड़कर न्याय की गुहार लगाई। उन्होंने बताया कि 26 जनवरी 2016 को उनकी लड़की के साथ उनके सामने ही दुराचार किया गया और उसके बाद उसका आज तक कोई सुराग नहीं लगा है। किला थाना पुलिस ने इस मामले में दुराचार व अपहरण की बजाय गुमशुदगी का मुकदमा दर्ज कर लिया। वह अधिकारियों व कष्ट निवारण समिति के चक्कर काटकर थक चुकी है। उसको कहीं पर भी न्याय नहीं मिल पाया है। डीएसपी मुख्यालय जगदीप दून ने पूरे मामले की कार्रवाई रिपोर्ट प्रस्तुत की। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि इस मामले में जांच अधिकारी द्वारा बयानों के आधार पर कार्रवाई न करने का कारण पूछा। डीएसपी ने दुराचार का मामला अब सामने आने की बात कही। इसी समय महिला ने बताया कि मकान मालिक तक उस पर पैसे लेकर समझौते का दबाव बना रहा है। मंत्री विज उनको रोते देख लाल हो गए और इस मामले के जांच अधिकारी का नाम पूछा। उन्होंने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच अधिकारी एएसआई जोगिंद्र को सस्पेंड करने और सदन के बाहर खड़े आरोपी मकान मालिक को भी तुरंत गिरफ्तार करने के आदेश दिए। डीएसपी मुख्यालय जगदीप दून व एसएचओ सिटी सुरेश कुमार तुरंत बाहर गए और आरोपी मकान मालिक को गिरफ्तार कर लिया। स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने अधिकारियों को मामले में अगली बैठक तक निष्पक्ष जांच कर तुरंत कार्रवाई करने के आदेश दिए।

अपनी कमी छुपाने को जांच अधिकारी बदलती है पुलिस
डीएसपी मुख्यालय जगदीप दून ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि इस मामले में आठ लोगों पर मुक मा दर्ज किया है। जिनमें से दो को गिफ्तार कर उनका कोर्ट में चालान पेश कर दिया है। बाकी छह आरोपियों का पोलियोग्राफी टेस्ट कराया है। इस मामले में क्राइम ब्रांच भी जांच कर चुकी हैं। मंत्री बोले पुलिस अपनी कमी छुपाने के लिए जांच अधिकारी बदल देते हैं। यहां मामला बरामदगी का नहीं बल्कि उसके साथ दुराचार में बयान अनुसार कार्रवाई न करने का है।
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वर्जन
स्वास्थ्य मंत्री के आदेशानुसार किला थाना में जांच अधिकारी एएसआई जोगिंद्र को सस्पेंड कर दिया है। पुलिस इस मामले की अपने स्तर व क्राइम ब्रांच से भी जांच करा चुके हैं। इस मामले की निष्पक्ष जांच कर जल्द ही रिपोर्ट देने के आदेश दिए हैं।
- राहुल शर्मा, एसपी, पानीपत।
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