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-मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने फंसे लोगों के परिजनों को ढांढस बंधाई

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अमर उजाला ब्यूरो
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पानीपत। मुख्यमंत्री मनोहर लाल मंगलवार को गुरुद्वारा पहली पातशाही पहुंचे। उन्होंने हादसे के संबंध में जानकारी ली और अधिकारियों को राहत कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने गुरुद्वारा गिरने की जांच के लिए कमेटी करने के आदेश दिए। साथ ही इस हादसे में मरने वालों के आश्रित परिवार को पांच-पांच लाख रुपये, गंभीर घायलों को दो-दो लाख और चोटिलों को एक-एक लाख रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की। सीएम के आदेश के बाद जांच के लिए एडीसी की अगुवाई में पांच सदस्यीय कमेटी गठित कर दी गई। मलबे में फंसे चार लोगों को निकालने के लिए दूसरे दिन मंगलवार को भी राहत कार्य चलते रहे। उनकी तलाश में एनडीआरएफ की दो कंपनियों के साथ समाज के सेवादार भी लगे हुए हैं।
मुख्यमंत्री मनोहर लाल दोपहर बाद 1:38 बजे गुरुद्वारा पहली पातशाही पहुंचे। वे करीब बीस मिनट तक यहां रहे और बचाव कार्य देखा। इस दौरान मलबे में धंसे लोगों के परिजनों से बात कर उन्हें ढांढस बंधाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस हादसे में जिन लोगों की जान गई है, उसकी पूर्ति होना मुश्किल है, लेकिन इस दुख की घड़ी में सरकार पीड़ित परिवारों के साथ हैं। उन्होंने हादसे में मृत लोगों के आश्रित परिवार को पांच-पांच लाख रुपये, गंभीर रूप से घायलों को दो-दो लाख और मामूली रूप से घायलों को एक-एक लाख रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की। इस अवसर पर विधायक ग्रामीण महिपाल ढांडा, शहरी रोहिता रेवड़ी, बीजेपी जिलाध्यक्ष प्रमोद विज, महिला मोर्चा अध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता, प्रदेश महामंत्री संजय भाटिया, समाजसेवी सुरेंद्र रेवड़ी, भाजयुमो जिला प्रधान मेघराज गुप्ता, करनाल रेंज के आईजी सुभाष मलिक, उपायुक्त डॉ. चंद्रशेखर खरे, एसपी राहुल शर्मा, एडीसी राजीव मेहता मौजूद रहे। विदित है कि सोमवार को गुरुद्वारा पहली पातशाही का दो मंजिला भवन व गुंबद नीचे गिर गया था। इसमें एक श्रमिक की मौत हो गई थी और करीब नौ लोग दब गए थे। गुरुद्वारे के भवन में मलबे के नीचे तीन अन्य लोगों के दबा हुआ होने की आशंका है। गुरुद्वारे में राहत कार्य तेजी के साथ चल रहा है। इसमें सेवादार दर्शन सिंह निवासी सदर बाजार करनाल व पाठी देवेंद्र सिंह निवासी यमुनानगर ही मलबे के नीचे दबा होने की पहचान कर ली है। इन दोनों को निकालने को लेकर मशक्कत की जा रही है। बाकी को निकालने को लेकर लगातार बचाव कार्य चल रहे हैं।
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एडीसी की अध्यक्षता में तीन एक्सईएन समेत पांच की टीम बनाई
जिलाधीश डॉ. चंद्रशेखर खरे ने एक आदेश जारी कर गुरुद्वारा पहली पातशाही हादसे की जांच को लेकर एक उच्चस्तरीय जांच कमेटी का गठन किया है। आदेशानुसार कमेटी के चेयरमैन अतिरिक्त उपायुक्त राजीव मेहता होंगे, जबकि कार्यकारी अभियंता लोक निर्माण विभाग (भवन एवं सड़कें) सदस्य सचिव, कार्यकारी अभियंता उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम सिटी डिविजन, कार्यकारी अभियंता हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड और उप पुलिस अधीक्षक मुख्यालय पानीपत को सदस्य नियुक्त किया है। जिलाधीश डॉ. चंद्रशेखर खरे ने अपने आदेशों में कहा कि यह कमेटी हादसे के तथ्यों की अपनी जांच रिपोर्ट 15 दिन के अंदर तैयार कर प्रस्तुत करेगी।
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