पानीपत की बेटी प्रोमिल सखी बनी हरियाणा की पहली फिल्म लेखिका, पिता सुबेदार मेजर से प्रेरित होकर लिखनी शुरू की थी कहानियां
अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत। पानीपत की बेटी ने अपने जज्बे व परिवार से मिली लिखने की कला से हरियाणा की पहली महिला लेखिका का तमगा अपने नाम हासिल किया है। आजाद नगर में जन्मी प्रोमिल सखी ने पंजाबी व हरियाणवी फिल्म शैल्यूट की पटकथा लिखी है। ये पूरी फिल्म उनके हरियाणवी उपन्यास पर आधारित है। इसके अलावा सखी दो बॉलीवुड व तीन हरियाणवी फिल्मों में भी बेहतरीन अभिनय की चुकी है। हरियाणवी फिल्म चंद्रावल-2 में उनको ठुकराइन के रोल की हर जगह प्रशंसा हुई थी। उन्होंने नारी शक्ति को ध्यान में रखते हुए ये बड़े बजट की पंजाबी व हरियाणवी फिल्म लिखी थी। हरियाणा सरकार की ओर से प्रोमिल सखी को सर्वश्रेष्ठ तृप्ति अवॉर्ड भी मिल चुका है।
प्रोमिल सखी ने बताया कि उनके पिता रामकरण भारद्वाज फौज में सुबेदार मेजर थे। वो खाली समय पर लिखना पसंद करते थे। उनको देखते हुए उन्होंने लिखना शुरू किया था। उनकी शादी चंडीगढ़ में सुशील कौशिक हरसत नरेलवी से हुई थी। वैसे तो उनके पति सरकारी नौकरी में है। लेकिन शादी के बाद उनको पता चला कि वो भी लिखने के शौकीन है। उन्होंने भी कई कहानियां लिखी है। उन्होंने हरियाणवीं मूवी फाइटर, चंद्रावल-2, बॉलीवुड मूवी कुलज्योति व बिन तेरे बैचेन में अभिनय किया है। शैल्यूट मूवी उन्होंने हीरो की चाची का किरदार निभाया है। प्रोमिल सखी को कहानी, काव्य संग्रह व उपन्यास लिखने पर राष्ट्रीय अवार्ड भी मिल चुके हैं। प्रोमिल सखी द्वारा लिखी शैल्यूट मूवी 8 नवंबर को रिलीज होगी। उनके पति ने इन फिल्म के डायलॉग लिखे है और फिल्म में लैफ्टिनेंट का किरदार निभाया है। वो इस फिल्म को लेकर काफी उत्साहित हैं।