यमुना में उफान पर, 30 गांवों में हाई अलर्ट जारी, ग्रामीणों को नदी की ओर नहीं जाने की सलाह
अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत। जिले में यमुना नदी उफान पर है। नदी के लगातार बढ़ रहे जलस्तर के कारण प्रशासन ने यमुना किनारे बसे गांवों के निवासियों को हाई अलर्ट किया है। रात के समय ही नहीं बल्कि दिन में भी यमुना नदी की ओर नहीं जाने की सलाह दी है।
यमुना चेतावनी स्तर 230 क्यूसेक मीटर को पार कर 231.85 क्यूसिक मीटर तक पहुंच गया है। नदी में जलस्तर बढ़ने से पानी 20 हजार एकड़ में खेतों में खड़ी फसलों में घुस गया है। वहीं पानीपत में करीब 45 किलोमीटर लंबे क्षेत्र में यमुना नदी बहती है। यमुना नदी किनारे करीब 40 गांव बसे हुए हैं। सिंचाई विभाग ने यमुना किनारे बसे सभी गांवों में मुनादी करवा कर नदी का जल स्तर बढ़ने की जानकारी दी है। सिंचाई विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि वे दिन हो या रात यमुना नदी में जलस्तर सामान होने तक खेतों में न जाए। रात के समय खेतों में बने डेरों पर न रहे और अपने पशुओं को भी यमुना नदी में जलस्तर सामान्य होने तक डेरों पर न लेकर जाए। वहीं सिंचाई विभाग ने उन सभी गांवों की पंचायतों को रात के समय ठीकरी पहरा लगाने की सलाह दी है जो यमुना नदी किनारे ही बसे हुए हैं। इधर, सिंचाई विभाग के अधिकारी व कर्मचारी यमुना नदी पर तेजी से गश्त कर हालात पर नजर बनाए हुए है। जबकि सिंचाई विभाग के अधिकारी यमुना के हालात से पानीपत प्रशासन को हर घंटे अवगत करवा रहे है। सिंचाई विभाग के अधिकारी यमुना नदी किनारे बसे गांवों में भी गश्त कर ग्रामीणों को यमुना नदी की ओर नहीं जाने के प्रति सचेत कर रहे हैं।
पानीपत सिंचाई विभाग के एक्सईएन राजेश सैनी ने बताया कि पहाड़ों में बारिश होने के चलते हथनीकुंड से यमुना नदी में पानी छोड़ा गया था। इसके चलते पानीपत जिला में यमुना नदी का जलस्तर बढ़ा हुआ है। एक दो दिन में यमुना नदी में पानी का स्तर सामान्य हो जाएगा। उन्होंने बताया कि यमुना नदी का जलस्तर बढ़ने के संबंध में नदी किनारे बसे गांवों के ग्रामीणों को जानकारी देकर सचेत कर दिया गया है। जबकि सिंचाई अधिकारी व कर्मचारी भी यमुना नदी पर गश्त कर हालात पर नजर बनाए हैं। वहीं पानीपत प्रशासन हर हालात से निपटने के लिए तैयार है। एक्सईएन सैनी ने दावा किया कि यमुना नदी का जलस्तर बढ़ने के बावजूद बाढ़ जैसे हालात नहीं है।