सास-ससुर मारते थे ताने और पति को बोलते थे नाजायज औलाद
कारोबारी रितेश की पत्नी रेखा बोली-पति ने उसके सामने ही बेटे का चुन्नी से घोंटा था गला, बेटी की गला दबाकर की थी हत्या
फंदा टूटने के बाद भी रेखा ने तीन बार मरने का किया प्रयास, लेकिन नहीं हो पाई सफल
अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत। बिशन स्वरूप कॉलोनी में निजी अस्पताल में दाखिल रेखा गर्ग निवासी सेक्टर-11 ने तीसरे दिन उस रात के बारे में अमर उजाला से बात की, जिस दिन उसके पति ने दोनों बच्चों की हत्या कर दी थी और दंपति भी फंदे पर लटक गए थे। रेखा गर्ग ने बताया कि छह माह पहले परिवार की प्रॉपर्टी का बंटवारा हुआ था। उसके सास ससुर उसके पति रितेश गर्ग को अकसर ताने मारते थे। उनको नाजायज औलाद बोलते थे और कहते थे कि कहीं जाकर मर जाओ। वह समालखा से घर छोड़कर भी आ गए थे। अब भी वो फोन पर बोलते थे कि अब तक जिंदा हो, मर क्यों नहीं जाते? इन तानों से पति रितेश बहुत आहत होते थे और रोते थे। वीरवार रात साढ़े नौ बजे भी इसी बात को लेकर रितेश बहुत दुखी थे। उन्होंने परिवार को खत्म करने का फैसला किया। पहले बच्चों को खाना खिलाया था। इसके बाद रितेश ने पहले बेटे वंश का चुन्नी से गला घोंट दिया। इसके बाद बेटी पुष्टि का भी गला दबाकर मार दिया गया। फिर उन दोनों ने भी फंदा लगाया।
रेखा ने बताया कि पति फंदे पर झूल गए, लेकिन उसका फंदा टूट गया और वह नीचे गिर गई। इसके बाद दोबारा उसने फिर प्रयास किया, इस बार भी फंदा खुल गया और वो नीचे गिर गई। तीसरी बार भी उसने मरने का प्रयास किया, लेकिन फंदा सही नहीं लगा और वो नीचे गिर गई। इसके बाद उसमें उठने की हिम्मत नहीं हुई और वो दोबारा फंदा नहीं लगा पाई। इसके बाद उसको अस्पताल में ही होश आया। रेखा गर्ग अब बार बार पति और बच्चों को याद करके रो रही है। इस बारे में सेक्टर 11-12 चौकी पुलिस इंचार्ज सुरेंद्र ने बताया कि अब तक मामले में महिला के बयान दर्ज नहीं हो पाए हैं। महिला के बयानों पर मामले में कार्रवाई की जाएगी।
तीन दिन पहले बंद कमरे में मिले थे शव
तीन दिन पहले सेक्टर-11 में बंद कमरे में इस्पात कारोबारी रितेश गर्ग और उसके दो बच्चों वंश व पुष्टि के शव मिले थे। रेखा गर्ग फर्श पर बेसुध पड़ी मिली थी। बताया गया था कि इन्होंने परिवार कलह व बंटवारे से असंतुष्ट होकर अपनी जान दी थी। रेखा को निजी अस्पताल में दाखिल गया था। रेखा को तीसरे दिन अस्पताल में होश आया।