कोरोना की स्थिति भयावह होती जा रही है, रविवार को जहां स्वास्थ्य विभाग ने कोरोना से दो लोगों की मौत की पुष्टी की वहीं कोविड मृतकों के लिए बनाए गए श्मशान घाट में जन सेवादल के सदस्यों ने कोविड-19 गाइडलाइन तहत 17 लोगों का अंतिम संस्कार किया है। वहीं दूसरी ओर रविवार को कोरोना के 504 पॉजिटिव केस आए हैं। पानीपत के रहने वाले आठ लोग बताए जा रहे हैं, जिनका कोविड-19 गाइडलाइन के तहत अंतिम संस्कार किया गया। ये शव निजी अस्पतालों से आए थे। जबकि 9 शव जन सेवा दल के पास सिविल अस्पताल से भेजे गए।
अपने संबंधियों के अंतिम संस्कार के लिए लोगों को 18 घंटे तक का इंतजार करना पड़ रहा है। शिवपुरी में शवों को रखने की जगह नहीं बची है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग ने रविवार को दो मौत कोरोना से बताई हैं। वहीं दूसरी ओर रविवार को कोरोना के 504 पॉजिटिव केस आए हैं। इनको होम आइसोलेट कर दिया गया है। इनके संपर्क में आने वाले लोगों को भी ट्रेस किया जा रहा है। इन छह दिनों में कोरोना के रिकॉर्ड 2738 मरीज आ चुके हैं। इस माह में कोरोना के रोगियों की संख्या 6 हजार पार कर चुकी है।
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इनका हुआ कोविड गाइडलाइन के तहत अंतिम संस्कार
न्यू हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी निवासी 35 वर्षीय युवक और नांगलखेडी गांव निवासी 18 वर्षीय युवती की कोरोना से मौत होने की पुष्टी स्वास्थ्य विभाग ने की है। इनके अलावा जन सेवा दल ने अंसल निवासी 43 वर्षीय युवक, दिल्ली के अशोक विहार निवासी 52 वर्षीय अधेड़, फूसगढ़ करनाल निवासी 71 वर्षीय वृद्धा, गांव काबड़ी निवासी 54 वर्षीय अधेड़, गाजियाबाद निवासी 73 वर्षीय बुजुर्ग, चांदनी बाग कॉलोनी निवासी 63 वर्षीय वृद्धा, रोहिणी दिल्ली निवासी 75 वर्षीय वृद्धा, सुभाष कॉलोनी निवासी 72 वर्षीय वृद्ध, दिल्ली निवासी पुरुष, दिल्ली पालम निवासी महिला, सोनीपत के गन्नौर निवासी युवक, मॉडल टाउन निवासी चार और हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी निवासी एक व्यक्ति का अंतिम संस्कार किया गया। इनकी मौत की वजह कोरोना है या नहीं, इसकी स्वास्थ्य विभाग ने पुष्टी नहीं की है। वहीं दिल्ली और गाजियाबाद को कोरोना पॉजिटिव को पानीपत में नहीं गिना जाता है। इन लोगों का पानीपत के अस्पतालों में इलाज चल रहा था।
दिल्ली के परिवार ने अस्थियां लेने से भी इंकार किया
दिल्ली निवासी एक अधेड़ की निजी अस्पताल में मौत हो गई। उसके परिजनों ने जन सेवा दल से प्रार्थना कर अस्थियों को प्रवाहित करने का आग्रह किया। जन सेवा दल इनकी अस्थियों को सोमवार को रीति रिवाज के अनुसार प्रवाहित करेगा।
12 घंटे अस्पतालों में पड़े रहे शव, परिजन बिलखते रहे
जिले में कोरोना ने ऐसे हालात बना दिए हैं कि लोगों के शव निजी अस्पतालों में पड़े हुए हैं। स्टाफ ने शवों का हाथ लगाने से इंकार कर दिया। परिजनों ने जन सेवा दल को फोन किया। जन सेवा दल के सदस्य शव को उठाकर लाए। परिजन वहां बिलखते रहे।
निजी अस्पतालों में मरीजों की मौत
असंध रोड व बरसत रोड पर ऐसे चार अस्पतालों में रोगियों की मौत हुई है। इन मरीजों का कोरोना है या नहीं इसकी पुष्टी नहीं है। जिन अस्पतालों में यह भर्ती थे, उनको कोविड के मरीजों का इलाज करने की अनुमति भी नहीं है। एक अस्पताल को प्रशासन की ओर से नोटिस भी दिया गया है।
घरों में आइसोलेट कोरोना के चार रोगियों की हुई मौत
अस्पतालों में कोरोना के रोगियों को जगह नहीं मिल रही है। कई परिवार ऐसे हैं जिनके पास इतने पैसे नहीं है कि वो कोरोना के इंजेक्शन पर खर्च कर सके। निजी अस्पतालों को उनकी फीस दे सके। इसलिए कोरोना के गंभीर मरीज घरों में भी है। रविवार को ऐसे चार लोगों ने घरों में दम तोड़ दिया। परिजनों ने जन सेवा दल को इनके शव सौंपे।
869 लोगों ने कोरोना जांच के लिए दिए सैंपल
स्वास्थ्य विभाग ने कोरोना सैंपल की संख्या बढ़ा दी है। रविवार को जिले में 869 लोगों ने कोरोना जांच के लिए सैंपल दिए हैं। अब तक 4 लाख से अधिक लोग अपने सैंपल दे चुके हैं। जिले में कोरोना के रोगियों की संख्या 17525 पहुंच गई है। इस माह में 6 हजार से अधिक पॉजिटिव मरीज मिले हैं। अब तक 13274 लोग कोरोना से जंग जीत चुके हैं। स्वास्थ्य विभाग के रिकॉर्ड के अनुसार अब तक 210 लोगों की कोरोना से मौत हुई है।
कोरोना से दो मौत ही हुई हैं- डॉ. संजीव
कोरोना से दो मौत की सूचना है। जन सेवा दल द्वारा संदिग्ध कोरोना मृतकों व बाहर के रोगियों का भी संस्कार किया जाता है। इस लिए आंकड़ों में समानता नहीं है। लोगों से अपील है कि कोरोना के खिलाफ जागरूक रहें।
डॉ. संजीव ग्रोवर, सिविल सर्जन