पानीपत। गीता मनीषी ज्ञानानंद महाराज ने कहा कि श्रीकृष्ण भगवान ने अर्जुन को निमित कर कुरुक्षेत्र की धरती पर महाभारत में गीता का संदेश दिया था। हमें उनके संदेशों को अपने जीवन में धारण करना चाहिए। गीता के संदेशों पर जीवन जीने वाले लाेगों को किसी प्रकार का दुख नहीं होगा।
उन्होंने ये प्रवचन शनिवार को सेक्टर-25 शाम बाग में गुरु पूर्णिमा उत्सव पर श्रद्धालुओं को गीता का संदेश देते हुए कहे। यहां पानीपत समेत आसपास के शहरों से करीब 50 लोगों से दीक्षा ग्रहण की और करीब एक हजार भक्तों ने दर्शन कर आशीर्वाद लिया। कार्यक्रम का आयोजन श्रीकृष्ण कृपा जीयो गीता परिवार द्वारा किया गया।
गीता मनीषी ने कहा कि गीता में मनुष्य के साथ प्रकृति और प्रत्येक जीव के बारे में विस्तार से कहा गया है। इसके 18 श्लोकों में हर विषय को बारीकी से स्पष्ट किया गया है। हमें गीता के श्लोकाें का अध्ययन कर इनको अपनाना चाहिए। गीता में व्यक्ति के हर प्रश्न का उत्तर है और समस्या का हल है। गीता का पहला उपदेश है कि किसी को अपना फायदा मत उठाने दो। अर्जुन से श्रीकृष्ण के सामने अपना दुख व्यक्त करते हुए कहा था कि मैं कौरवों के साथ कैसे युद्ध कर सकता हूं। वे सब मेरे अपने हैं। इस पर श्रीकृष्ण भगवान ने कहा कि अर्जुन तुम कर्म करो। फल देवों के हाथ में है। सरकार रूपी मोह माया से निकलकर अपने कर्म पर ध्यान दों। एक योद्धा का पहला कर्म युद्ध करना है। वह युद्ध के मैदान पर अपने और पराए की सोच नहीं रखता। वह इस सोच में ग्रस्त रहेगा तो सामने वाला उस पर आक्रमण कर देगा। हमें खुद को संंभलना होगा और जिम्मेदारी को निभाना होगा। इससे पहले गीता मनीषी ने सुबह छह बजे हवन में आहुतियां डाल गीता पूर्णिमा उत्सव का शुभारंभ किया। इसके बाद गीता संदेश व प्रवचन किए गए। यहां 50 लोगों ने दीक्षा ग्रहण की और करीब एक हजार लोगों ने महाराज से आशीर्वाद लिया। उत्सव में पानीपत समेत जींद, सफीदों, शामली, समालखा, रेवाड़ी व सोनीपत से भक्त आशीर्वाद लेने आए थे। पानीपत शहर विधायक प्रमोद विज, भाजपा जिलाध्यक्ष दुष्यंत भट्ट, निवर्तमान मेयर अवनीत कौर, भाजपा नेता गजेंद्र सलूजा, लोकेश नांगरू, रमेश माटा व सनातन धर्म संगठन के प्रधान कृष्ण रेवड़ी ने महाराज से आशीर्वाद लिया। इस मौके पर सुरेश अरोड़ा, चंद्रशेखर शर्मा, सूरज दुरेजा, विभू पालीवाल, अंकुश बंसल, सुनील ग्रोवर, धीरज बतरा, कंवर रविंद्र सैनी, प्रीतम गुर्जर, विकास गोयल, राजू शर्मा व गुलशन चुघ मौजूद रहे।