पानीपत में ओएलएक्स पर ठगी के दो मामले सामने आए है। पहले मामले में ठग ने खुद को सीआईएसएफ का जवान बताया और अपनी सेंट्रो कार बेचने का झांसा देकर पानीपत के युवक से डिलीवरी, इश्योरेंस और जीएसटी के नाम पर 48 हजार रुपये ठग लिए। आरोपी ने 10 हजार रुपये और मांगे तो पीड़ित ने मना कर दिया, जिसके बाद आरोपी ने पीड़ित का नंबर ब्लॉक लिस्ट में डाल दिया। वहीं दूसरी ओर डाइनिंग टेबल खरीदने का झांसा देकर ठग ने पीड़ित को लिंक भेजा और दो बार में कुल नौ हजार रुपये खाते से निकाल लिए। दोनों ही मामलों में संबंधित थाना पुलिस ने केस दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।
पहली ठगी
मूलरूप से जींद निवासी श्याम सिंह ने बताया कि वह हाल ही में सेक्टर छह में किराए पर रहता है और गांव सिवाह स्थित एक कंपनी में नौकरी करता है। उसने ओएलएक्स पर एक सेंट्रो कार देखी। जिसकी कीमत 60 हजार रुपये थी। उसने विक्रेता के दिए गए नंबर पर कॉल की। सामने वाले ने खुद की पहचान अजय कुमार निवासी फरीदाबाद के रूप में बताई और कहा कि वह सीआईएफ में जवान है। वह आगरा एयरपोर्ट पर तैनात है। विश्वास दिलाने के लिए उसने अपने आईडी कार्ड और आधार कार्ड की कॉपी भेजी। ठग ने पहले पार्सल के रूप में 2120 रुपये लिए और उसके बाद डिलीवरी, इंश्योरेंस और जीएसटी बिल के नाम पर 48 हजार रुपये ऐंठ लिए। ठग ने कहा कि सेंट्रो गाड़ी सोनीपत तक पहुंच गई है, बची हुई राशि डाल दो। उसे शक हुआ और उसने मना कर दिया। जिसके बाद ठग ने उसका नंबर ब्लॉक लिस्ट में डाल दिया।
दूसरी ठगी
मूलरूप से बिहार के जिला वैशाली के गांव नैनहा निवासी रमेश पासवान ने बताया कि वह हाल ही में एनएफएल टाउनशिप में रहता है। उसने अपना डाइनिंग टेबल ओएलएक्स पर बेचने के लिए डाला था। उसके पास एक नंबर से कॉल आया। सामने वाले ने कहा कि वह पानीपत से ही बोल रहा है और वह दुकानदार है। उसने 4500 रुपये में टेबल खरीदने की बात कही। युवक ने पहले पहले गूगल पे से रुपये भेजने के लिए कहा, लेकिन उसके बाद कहा कि वह सरवेंट को भेज रहा है। कुछ समय बाद कॉल आया और कहा कि वह खाता बुक का लिंक भेज रहा है। युवक ने दो बार लिंक भेजा, उसे समझ नहीं आया। तीसरी बार भेजा तो उसने ओपन किया तो उसके खाते से दो बार में नौ हजार रुपये कट गए। सेक्टर 29 थाना पुलिस ने केस दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।