इसराना। गांव मांडी के एक टैक्सी चालक से उसके दो लड़कों को विदेश भेजने और नौकरी दिलवाने का झांसा देकर करीब 45 लाख रुपये की ठगी कर ली। वह जब रुपये वापस मांगने लगा तो परिवार समेत जान से मारने की धमकी दी गई। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने तीन लोगों के खिलाफ इमीग्रेशन एक्ट समेत विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है।
खुजान सिंह निवासी मांडी ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह टैक्सी चालक है और इसराना में टैक्सी स्टैंड पर टैक्सी चलाता है। करीब तीन साल पहले उसकी मुलाकात टैक्सी स्टैंड पर महिपाल निवासी इसराना से हुई थी। पिछले वर्ष महिपाल से बात करते समय उसने अपने बेटे साहिल और भतीजे रजत को विदेश भेजने की बात कही। महिपाल ने उसे बताया कि उसका एक दोस्त रणजोत सिंह है, जो बच्चों को विदेश भेजने व नौकरी दिलाने का काम करता है। रणजोत सिंह से उसकी बात करा 45 लाख रुपये प्रति बच्चे के हिसाब से दोनों बच्चों को विदेश भेजने और नौकरी दिलाने के लिए 90 लाख रुपये में बात तय हुई। दोनों बच्चों को रणजोत सिंह मुंबई इंटरव्यू के बहाने ले गया और एक होटल में मोहम्मद मलिक से मिलवाकर बच्चों को होटल में बंधक बना 15 लाख की फिर मांग की। पैसे देने पर बच्चों के पासपोर्ट पर वीजा स्टीकर चिपकाए गए, जो बाद में जांच के दौरान फर्जी निकले। तीनों आरोपियों ने उससे 44,97,600 रुपये की ठगी की है। पैसे वापस मांगने पर उसे परिवार समेत जान से मारने की धमकी दी जा रही है। पुलिस ने खुजान सिंह की शिकायत पर रणजोत सिंह वासी जीरकपुर पंजाब, महिपाल वासी इसराना और मोहम्मद मलिक वासी मुंबई के खिलाफ 24-इमीग्रेशन एक्ट समेत विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है।