फ्रंट लाइन पर रहकर अपनी जान की परवाह किए बिना लोगों को कोरोना संक्रमण से ठीक करने वाले डॉक्टर भी कोरोना संक्रमण से बच नहीं पा रहे हैं। सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में तैनात 3 डॉक्टर तो अपने परिवार के सदस्य खो चुके हैं। सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों के 5 बड़े अधिकारियों समेत 19 डॉक्टर कोरोना संक्रमण से जूझ रहे हैं। ऐसे में बड़ा सवाल यह खड़ा हो गया है कि लोगों को जीवन दान देने वाले डॉक्टर अब खुद जिंदगी से जंग लड़ रहे हैं। लोगों को कौन इस घड़ी से उभारेगा। कौन लोगों को इलाज देगा। अब तक 19 डॉक्टरों समेत 45 से अधिक स्वास्थ्य कर्मचारी संक्रमित हो चुके हैं।
कोरोना ने डॉक्टरों से पत्नी, पिता, माता का साथ छीना
कोरोना संक्रमण इस कदर गंभीर हो चुका है, इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि डॉक्टर खुद अपने परिवार के सदस्यों को नहीं बचा पा रहे हैं। समालखा अस्पताल में तैनात डॉ. पुनीत की 5 माह की गर्भवती पत्नी की कोरोना संक्रमण से मौत हो गई। वह पिछले एक सप्ताह से वेंटिलेटर पर थीं। डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. ललित वर्मा की मां और रेरकलां पीएचसी के इंचार्ज डॉ. अनीश के पिता की भी कोरोना संक्रमण से मौत हो गई। मतलौडा पीएचसी के फार्मासिस्ट बलराज बुधवार को कोरोना से जंग हार ङगए।
एक ही स्वास्थ्य केंद्र के 14 स्वास्थ्य कर्मी मिले संक्रमित
अब कोरोना संक्रमण स्वास्थ्य केंद्रों पर भी ताला लगवा रहा है। मतलौडा पीएससी के फार्मासिस्ट की कोरोना से मौत हो गई । यहां 14 स्वास्थ्य कर्मी कोरोना संक्रमित मिले, अब पीएससी में काम करने वाले महज 10 कर्मचारी ही बचे हैं। इससे पहले सेक्टर 25 शहरी स्वास्थ्य केंद्र के भी आठ स्वास्थ्य कर्मचारी कोरोना संक्रमित हो चुके हैं।
ये डॉक्टर हो चुके हैं कोरोना संक्रमित
डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. सुनील सुंदजा, डॉ. निशि जिंदल, डॉ. ललित वर्मा, एमएस डॉ. आलोक जैन, डिप्टी एमएस डॉ. अमित पोरिया, डॉ. सुरभि, डॉ. मोनिका, डॉ. ज्योति, डॉ. अमित कुमार, डॉ. नारायण डबास, डॉ. विशाल छाबड़ा, डॉ. कर्मबीर चोपड़ा, डॉ. दिनेश गौतम, डॉ. पुनीत, डॉ. नेहा बंसल, डॉ. वैभव गुलाटी, डॉ. दीपक गुप्ता, डॉ. कविता व डॉ. मनी कोरोना संक्रमित हो चुकी है।
इमरजेंसी की ड्यूटी के लिए बचे मात्र 5 डॉक्टर
स्वास्थ्य सेवाएं सबसे अधिक डॉक्टरों की कमी के कारण प्रभावित हो रही हैं। डॉक्टर लगातार कोरोना संक्रमित हो रहे हैं। इमरजेंसी वार्ड में ड्यूटी करने के लिए मात्र 5 डॉक्टर ही बचे हैं। इनकी हर रोज इमरजेंसी में ड्यूटी लगाने से इनके स्वास्थ्य को भी खतरा हो गया है। इनके अलावा बाकी डॉक्टरों की ड्यूटी आइसोलेशन वार्ड, वैक्सीनेशन कार्यक्रम और सैंपलिंग में हैं।
प्रशासनिक काम देखने वाले सभी स्वास्थ्य अधिकारी कोरोना संक्रमित
सिविल अस्पताल का मुख्य प्रशासनिक कार्य देखने वाले लगभग सभी स्वास्थ्य अधिकारी कोरोना संक्रमित हो चुके हैं। कोविड के नोडल अधिकारी डॉ. सुनील संदुजा, डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. निशि जिंदल, डॉ. ललित वर्मा, एमएस डॉ. आलोक जैन व डिप्टी एमएस डॉ. अमित पोरिया कोरोना संक्रमित हो चुके हैं। डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. नवीन सुनेजा की मां का देहांत हो गया। अब सबसे बड़ी दिक्कत अस्पताल के प्रशासनिक कार्य की देखरेख भी बन गई है। फिलहाल प्रशासनिक कार्यों की जिम्मेदारी नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. शालिनी मेहता को दी गई है। इनके ऊपर नेत्र रोगियों की ओपीडी करने का भी जिम्मा है। दूसरे नेत्र सर्जन की ड्यूटी कोरोना वैक्सीनेशन में है। हालांकि डिप्टी एमएस कोरोना संक्रमण से उभरकर काम पर लौट आए हैं।