- नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि कॉरपोरेशन एक्ट में एरियर ऑफ लैंड रेवेन्यू के तहत टैक्स जमा न करवाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।
- ऐसे मामलों को कोर्ट में ले जाया जाता है। इससे पहले दो नोटिस देकर प्रॉपर्टी मालिक को चांस दिए जाते हैं।
- इन नोटिस के बाद अगली कार्रवाई इनकी संपत्ति अटैच कर सील की जा सकती है। पहले रिकॉर्ड ठीक किया जाएगा। 31 मार्च के बाद बड़े बकायादारों की लिस्ट बनाकर उन्हें नोटिस देंगे और सिलिंग की कार्रवाई शुरू करेंगे।
- प्रॉपर्टी टैक्स जमा न करवाने वाले मामले में नगर निगम कोर्ट में केस डाल सकता है। काेर्ट इस मामले में सजा तक सुना सकती है। ऐसे में अगर मालिक दोषी पाया जाता है तो उसे कैद काटनी पड़ सकती है।
- इसके अलावा प्रॉपर्टी अटैच कर जब तक टैक्स बिल न भरे उसे सील किया जा सकता है।
अधिकारी के अनुसार
नगर निगम की संयुक्त आयुक्त मनी त्यागी ने बताया कि अभी बकायेदारों को नोटिस दिए जा रहे हैं। इससे पहले भी उनको नोटिस दिए गए थे। अब रिमाइंडर भेजा जा रहा है। अगर प्रॉपर्टी टैक्स नहीं भरा तो प्रॉपर्टी को सील करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। लोगों से अपील है कि वह अपना टैक्स जमा करा दें। अगर किसी की कोई त्रुटि है तो वह ठीक करवा लें।