समालखा। गांव नारायणा में 16 साल पहले दलितों व पिछड़ों को 100-100 वर्ग गज के प्लाट काटकर बनाई गई महात्मा गांधी ग्रामीण बस्ती में लाभार्थियों को आज तक कब्जा नहीं मिल पाया है। गांव के एक गोशाला संचालक ने इस ग्रामीण बस्ती पर कब्जा करके उस पर खेती करना शुरू कर दिया है।
सोमवार को गांव नारायणा के दर्जनों लाभार्थियों ने जिला उपायुक्त के नाम समालखा बीडीपीओ को ज्ञापन देकर गोशाला संचालक के खिलाफ कार्रवाई करने तथा महात्मा गांधी ग्रामीण बस्ती में सभी 417 लाभार्थियों को उनके प्लाटों पर कब्जा दिलाने की गुहार लगाई है।
उल्लेखनीय है कि सन् 2008-09 में तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा की सरकार ने महात्मा गांधी ग्रामीण बस्ती योजना के अंतर्गत पूरे प्रदेश में दलितों व पिछड़ों को सौ सौ गज के प्लाट आवंटित किए गए थे। इसी दौरान खंड के गांव नारायणा में भी 417 लाभार्थियों को नारायणा व खलीला गांव के बीच नहर के पास प्लाॅट काट कर बाकायदा तत्कालीन सरपंच के द्वारा रजिस्ट्री तक करवाई गई लेकिन इस तथाकथित महात्मा गांधी ग्रामीण बस्ती में काटे गए प्लाटों पर लाभार्थियों को आज तक कब्जा नहीं मिल पाया।
गांव नारायणा के निवासी विजय चौपड़ा,सेठपाल,संदीप सिंह, देवी सिंह,सीमा देवी,सरोज, तेजपाल, कर्मबीर, राममेहर सिंह, सूरजभान, प्रताप सिंह, संजय, सतपाल सिंह, अनिल व महीपाल ने बताया कि उनके गांव में 417 प्लाट काटे गए थे और ग्रामीण बस्ती में बाकायदा गलियों का निर्माण भी किया गया। उन्होंने बताया कि वे पिछले 16 वर्षों से अपने प्लाटों पर कब्जा पाने की खातिर शासन प्रशासन के चक्कर लगा रहे हैं लेकिन उन्हें कब्जा नहीं मिला।