अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत। आरटीए, पुलिस व एजूकेशन विभाग के संयुक्त तत्वाधान में सोमवार को स्कूलों के भीतर ही जाकर बसों की जांच की गई। सोमवार को तीनों ने करीब 83 स्कूल की 282 बसें चेक की। गौरतलब है कि इन सभी बसों में एक भी बस मानक पर खरी नहीं उतरी। जिसके चलते सभी स्कूल प्रबंधकों को बसों के सभी मानक पूरे करने के लिए 3 दिन का समय दिया है। साथ ही सख्त हिदायत दी है कि स्कूल प्रबंधक इन बसों को सड़क पर न दौड़ाए, नहीं तो उन पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
गौरतलब है कि 19 मार्च को गांव खुखराना के पास बाबा जोध सचियार स्कूल की बस में सवार मासूम कार्तिक की उसी बस के टायर के नीचे आने से मौके पर ही मौत हो गई थी। कार्तिक अपनी मां व भाई के साथ बस में सवार होकर गांव आसन से पानीपत आ रहा था। जिस सीट पर कार्तिक बैठा था उसके नीचे का फर्श कथित रूप से गला हुआ था और इस हिस्से पर लकड़ी का फट्टा पड़ा हुआ था। फट्टा खिसकते ही कार्तिक बस के पिछले पहियों के नीचे आ गया था। इसके बाद से जिला प्रशासन सहित शहरवासी बच्चों की निर्मम मौत के बाद दोबारा ऐसा हादसा न हो, इसके लिए एकजुट हो गए। इसी के परिणाम स्वरूप जिला प्रशासन इस तरह की कार्रवाई कर रहा है।
बसों की जांच के लिए बनाई गई टीम
ब्लॉक टीम
पानीपत 7
समालखा 6
इसराना 6
बापौली 6
मतलौडा 6
एक टीम में एक पुलिस अधिकारी और एक आरटीए अफसर सहित एक शिक्षा अधिकारी को शामिल किया गया है। डीसी के निर्देश पर टीमें गठित की गई है। 48 घंटे में पूरी रिपोर्ट देने को कहा गया है।
सभी स्कूल प्रबंधकों को निर्देश दिया गया है कि जिन स्कूलों की बसें कंडम हालत में हैं उन्हें 48 घंटे के भीतर तय किए गए मानकों को पूरा करना होगा। नहीं तो बसों को जब्त किया जाएगा। साथ ही अगर कोई कंडम बसों को चलाते पाया गया तो उन पर आपराधिक धाराओं के तहत मामला दर्ज किया जाएगा।
सतीश वत्स, डीएसपी हेड क्वार्टर