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हड़ताल की आड़ में डीएवी थर्मल स्कूल बस के चालक व परिचालक काट रहे थे फर्जी टिकट, आरटीए ने बस को किया जब्त, दोनों गिरफ्तार

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फोटो संख्या :- 8 से 11
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स्कूल बस में फर्जी टिकट से करा रहे थे यात्रा, बस जब्त, ड्राइवर-कंडक्टर गिरफ्तार
चालक और परिचालक बस पर ऑन गवर्नमेंट ड्यूटी का बोर्ड लगाकर अवैध रूप से बैठा रहे थे सवारियां
अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत। रोडवेज की हड़ताल से एक तरफ जहां निजी बसों की चांदी हो रही है वहीं कुछ लोग गैरकानूनी तरीके से रुपये कमाने के चक्कर में नजर आ रहे हैं। ऐसा ही एक मामला पानीपत डिपो से सामने आया है। इसमें एक निजी स्कूल की बस पर ऑन गवर्नमेंट ड्यूटी लिखकर चालक व परिचालक पानीपत से असंध के यात्रियों को बैठा रहे थे। उसे परिचालक के रूप में तैनात एसपीओ ने पकड़ लिया। चालक व परिचालक को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया गया है व बस को आरटीए ने जब्त कर लिया है। चालक परिचालक हड़ताल की आड़ में ये काम कर रहे थे। आरटीए ने बस को कब्जे में ले लिया है। पुलिस ने बस के मालिक धर्मबीर मलिक निवासी गांव बला, चालक व परिचालक पर केस दर्ज कर लिया है।
हड़ताल के छठे दिन परिचालक के रूप में तैनात एसपीओ भूपेंद्र ने डीएवी स्कूल के चालक व परिचालक को स्कूल की बस में अवैध रूप से यात्रियों को बस में बैठाते हुए पकड़ा। यह घटना दोपहर 11 बजे की है। उस समय जीएम एसपी परमार ने एक स्कूल की बस में एसपीओ सुखबीर को असंध के रूट पर भेज था। जब वह चालक के साथ डिपो के गेट पर पहुंचा तो उसने देखा की बाहर असंध रूट की एक और बस खड़ी है। इसमें पूरी सवारियां भरी हुई थीं। उस समय एसपीओ सुखबीर के साथ एसपीओ भूपेंद्र सिंह भी थे, जिन्होंने डिपो के अंदर पता किया कि असंध रूट पर कुछ देर पहले भी कोई बस भेजी है क्या? जहां से उन्हें पता चला कि अंदर से कोई स्कूल की बस नहीं भेजी गई। यह पता लगते ही परिचालक के रूप में तैनात एसपीओ भूपेंद्र सिंह उस निजी बस के पास गये और उनसे पूछताछ की। इसके बाद चालक सोनू निवासी सालवान व परिचालक राकेश निवासी फफडाना बदतमीजी करने लगे, क्योंकि एसपीओ भूपेंद्र सिंह उस समय सिविल ड्रेस में थे। उस समय डीएवी बस के चालक व परिचालक को नहीं पता था कि एसपीओ भूपेंद्र सिंह पुलिस के जवान है। दोनों युवक एसपीओ से बहस करने लगे और कहने लगे कि जब पुलिस वाले पैसा कमा रहे हैं तो वो क्यों न इस हड़ताल का फायदा उठाए? इसी दौरान एसपीओ सुखबीर भी उनके पास आ गया व दोनों युवकों को पकड़ लिया। उनको पकड़कर जीएम एसपी परमार के पास ले गए। उनके बैग से प्राइवेट बस के टिकट बरामद किए गए। जल्द ही आरटीए की टीम व बस अड्डा चौकी पुलिस ने युवाओं व बस को जब्त कर लिया और जीएम ने दोनों युवकों व बस मालिक के खिलाफ एफआईआर दर्ज करा दी। इसमें चालक सोनू व परिचालक राकेश सहित उनके मालिक पर भी मामला दर्ज किया गया है।
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निजी बस का कंडक्टर है राकेश
बस अड्डे पर ही पूछताछ के दौरान राकेश ने बताया कि वह प्राइवेट बस पर परिचालक का काम करता है, जो पानीपत डिपो से ही चलती है। वहीं से उन्हें प्राइवेट टिकट प्राप्त किया था।

मालिक के कहने पर चलाई बस
ड्राइवर सोनू ने जीएम व आरटीए के सामने पूछताछ में कहा कि उन्होंने मालिक के कहने पर यह बस चलाई थी। उनका पहला ही दिन था, उन्हें नहीं पता था कि यह गैरकानूनी है।

आरटीए विभाग बस को जब्त करके कार्रवाई करेगा
सूचना मिलते ही आरटीए से टीआई तेज सिंह, एएसई दौलतराम व सुशील टीएसआई सहित वे चारों मौके पर पहुुंचे। इसके बाद उन्होंने बस को कब्जे में ले लिया है। अब इसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
-संदीप, आरटीए अधिकारी


बिना अनुमति बस चलाकर किया बदनाम
मैंने जब चालक व परिचालक से बातचीत की तो वे पुलिस वाले परिचालकों को गाली दे रहे थे। वे खुद बिना परमिशन के बस चलाकर पुलिस वालों पर गलत तरीके से रुपये वसूलने का आरोप लगा रहे थे। जब मुझे उन पर संदेह हुआ तो दोनों को पकड़कर जीएम को सौंप दिया।
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-भूपेंद्र सिंह, एसपीओ

जांच करके पुलिस को सौंप दिया है मामला
मैंने सभी निजी बसों पर एसपीओ को परिचालक के रूप में रखा है। उसी एसपीओ ने अपनी समझ दिखाते हुए अवैध रूप से चल रही बस को पकड़ा। इसकी जांच करके उन्होंने एफआईआर कर दी है और मामला पुलिस को सौंप दिया है।
-एसपी परमार, जीएम
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