उद्योग देखा न ही व्यापार, इनकम टैक्स पर छूट की भी उम्मीद टूटी
औद्योगिक नगरी के उद्यमियों की भाजपा के बजट पर निगाह टिकाए बैठे रहे
उद्यमी व नौकरीपेशा लोगों की इनकम टैक्स में छूट का दायरा ने बढ़ने पर बढ़ी चिंता
गृहणियों को भी बजट में नहीं मिला कुछ खास
युवाओं व नौकरीपेशा वाले लोगों की भी बजट पर उम्मीद
फोटो-13
अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत। केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली के बजट से पानीपत के न उद्योगपति संतुष्ट दिखे और न ही व्यापारी। आम से लेकर खास वर्ग इनकम टैक्स पर छूट उम्मीद टूटने पर हताश नजर आया। गृहणियों को भी बजट में इतना कुछ नजर नहीं आया। बजट को लेकर लोगों की पूरा दिन टीवी की स्क्रीन पर टकटकी भी कुछ ही देर में मायूसी में बदलती नहर आए।
केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने वीरवार को आम बजट पेश किया। बजट को देखने के लिए उद्यमी, व्यापारी व दूसरे वर्ग के लोग सुबह ही टीवी की स्क्रीन के सामने बैठ गए। बाजार में कुछ व्यापारी अपने काम धंधे छोड़कर बजट के बारे में जानने लग गए। एसडी कॉलेज रोड पर संतोष कुमार वेद प्रकाश, डॉ. दिनेश धींगड़ा, नरेश व कपिल नागपाल समेत कई दुकानदार बजट के बारे में जानने के लिए एक जगह बैठ गए। वित्त मंत्री द्वारा बजट में व्यापारियों और उद्योगपतियों को सीधा कुछ न मिलने पर सबकी चिंता बढ़ गई। उद्यमियों का कहना है कि स्मॉल स्केल इंडस्ट्री के लिए लोन के पहले से ही प्रावधान हैं। इससे इतने फायदे नहीं होंगे।
कोट्स फोटो-18
गृहणी शिल्पा परुथी वीरवार सुबह खाना बनाते समय बजट पर भी ध्यान दे रही थी। उसका एक बार ध्यान खाना बनाने तो दूसरी बार बजट पर था। शिल्पा परुथी ने बताया कि बजट में गृहणियों को कुछ खास नहीं मिला है। एक गृहणी को केवल रसोई ही नहीं घर से बाकी खर्च भी देखने पड़ते हैं। बजट में इनकम टैक्स की छूट का दायरा बढ़ने की उम्मीद की जा रही थी, लेकिन इस तरफ कोई ध्यान नहीं दिया गया।
कोट्स फोटो-16
राघव ने बताया आज शिक्षा महंगी हो गई है। ऐसे में एजुकेशन लोन आसान होना चाहिए। बजट में युवाओं को लेकर कुछ खास नहीं मिला है। जबकि सरकार युवाओं की बात करती है।
कोट्स फोटो-17
यतिन ने बताया कि विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ रोजगार देने की भी पॉलिसी बननी चाहिए। सरकार दावों तक सिमटी रहती है, लेकिन बजट में युवाओं को केंद्रित नहीं किया गया है।
कोट्स फोटो-37
हरियाणा चैंबर ऑफ कॉमर्स के प्रधान प्रीतम सचदेवा ने कहा कि बजट में स्मॉल और मीडियम इंडस्ट्री को लेकर किसी तरह के फैसले नहीं लिए गए हैं। सरकार ने केवल कारपोरेट सेक्टरों पर ही ध्यान दिया है। यह उद्योग खासकर पानीपत के उद्यमियों के लिए बहुत ही चिंता का विषय है।
कोट्स फोटो-10
ओल्ड इंडस्ट्रीयल एरिया एसोसिएशन के प्रधान विनोद ग्रोवर ने बताया कि इनकम टैक्स के स्लेब में किसी तरह के खास बदलाव नहीं किए गए हैं। पहले की अपेक्षा टैक्स पर सेस एक प्रतिशत बढ़ा है। इससे उत्पाद महंगे हो जाएंगे। इस बार बजट उम्मीदों के प्रतिकूल मिला है।
कोट्स फोटो-21
उद्यमी भीम सचदेवा ने बताया कि पानीपत औद्योगिक नगरी है। हर बजट में सरकार को शहर व उद्योग को लेकर अलग से योजना तैयार करनी चाहिए, लेकिन इस बार के बजट में भी इसकी तरफ कोई ध्यान नहीं दिया है। यह सब चिंता का विषय है।
कोट्स फोटो-11
अमर भवन चौक निवासी स्नेहलता ने बताया कि लेडिज गारमेंट खासकर ब्रांडेड पर डिसकाउंट होना चाहिए था। ब्रांडेड गारमेंट पहले से महंगे होते थे और इसके बाद जीएसटी लगा दिया है। महिलाओं को बजट कुछ खास नहीं दिया है।
कोट्स फोटो-12
शांति नगर निवासी गृहणी नीलम ने बताया कि एक महिला को घर का पूरा बजट देखना पड़ता है। इस बार बजट में घरेलू व दूसरे सामानों पर कोई ध्यान नहीं दिया है। महिलाओं को बजट से बहुत उम्मीद थी।
कोट्स फोटो-14
कंबल अजय नारंग ने बताया कि पहले नोटबंदी और जीएसटी और अब बजट ने व्यापारी को परेशान कर दिया है। व्यापारी को इनकम टैक्स की दर को बढ़ाना चाहिए था, लेकिन सरकार ने बजट में इस तरफ कोई ध्यान नहीं दिया।
कोट्स फोटो-15
व्यापारी कृष्ण अग्रवाल ने बताया कि व्यापार पहले से ही प्रभावित रहा चल रहा था और अब बजट में भी व्यापारी की तरफ ध्यान नहीं दिया है। बजट इतना अच्छा भी नहीं कहा जा सकता है।
कोट्स फोटो-38
भाकियू के पूर्व जिला उप प्रधान बिंटू मलिक ने बताया कि भाजपा ने बजट में किसानों के नाम पर ढकोसला दिखाया है। सरकार को बजट में ही फसलों को लेकर की गई घोषणा की समय अवधि भी निर्धारित करनी चाहिए थे। प्रदेश ही नहीं देश के किसान के लिए चिंताजनक है।
कोट्स फोटो-30
भाजपा किसान मोर्चा प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य राजकुमार कालीरमणा ने बताया कि बजट में किसानों को लागत से डेढ़ गुना दाम मिले और ऑप्रेशन ग्रीन चलाने की बात कही है। इससे किसान व कृषि को बढ़ावा मिलेगा।
कोट्स फोटो-40
सीए संजय जैन ने बताया कि आम बजट निराशाजनक रहा है। इसमें इनकम टैक्स में छूट नहीं बढ़ाई गई है। ऐसे में आम से लेकर खास को तकड़ा झटका लगा है। एजुकेशन टैक्स तीन से चार प्रतिशत करने पर अब टैक्स ज्यादा देना पड़ेगा। इनकम टैक्स के काम को अब ऑनलाइन कर दिया गया है। सीनियर सिटीजन के मेडिक्लेम को 30 हजार से बढ़ाकर 50 हजार रुपये कर दिया है। अब इनको टैक्स कम देना पड़ेगा। स्टंडर्ड डिडक्शन पर कर्मचारियों की छूट 40 हजार रुपये कर दी है। इससे टैक्स कम होगा। वरिष्ठ नागरिकों को 50 हजार के ब्याज पर किसी तरह का टैक्स व टीडीएस नहीं देना पड़ेगा। 250 करोड़ रुपये सालाना कमाने वाली प्राइवेट कंपनियों को वार्षिक सेल टैक्स में तीन प्रतिशत की छूट दी गई है। पहले यह 28 प्रतिशत थी। सांझेदारी व फर्म को इस कैटेगरी में नहीं रखा गया है। टेक्सटाइल के लिए 7148 करोड़ का बजट बनाया है। स्मॉल स्केल इंडस्ट्री के लिए 38 सौ करोड़ रुपये का ऑनलाइन लोन दिया जाएगा।