प्राइवेट अस्पतालों में हड़ताल आज
अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत। प्राइवेट अस्पताल आईएमए के बैनर तले क्लीनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट के विरोध में शुक्रवार को एक दिन की हड़ताल के चलते बंद रहेंगे। अस्पताल संचालक इस बार ओपीडी के साथ इमरजेंसी सेवाओं को भी बंद रखेंगे। आईएमए का दावा है कि जिले के सभी अस्पताल बंद रहेंगे और उनको इंडयिन डेंटल एसोसिएशन, आरएमपी, बीएमएस, लेबोरेट्री व दवा प्रतिनिधि संघ का समर्थन रहेगा।
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने वीरवार को डीसी को अपना प्रस्ताव देकर जीटी रोड स्थित एक होटल में बैठक कर हड़ताल एक दिन की हड़ताल पर जाने की घोषणा की। आईएमए के वरिष्ठ सदस्य डॉ. डीके अरोड़ा ने कहा कि क्लीनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट 2010 में शुरू किया था। इसको प्रदेश में 2014 में लागू किया और इसके नियम 2015 में बनाए गए। सरकार द्वारा एक्ट के नियम बनाते समय आईएमए से किसी तरह के सुझाव नहीं लिए गए। 2016 में तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष डॉ. पंकज मुटनेजा की अगुवाई में सरकार के साथ बातचीत की थी। जिसमें एक्ट लागू न करने का फैसला लिया था, लेकिन पिछले दिनों दिल्ली के बड़े अस्पतालों में इलाज में लापरवाही के मामले सामने आने के बाद सरकार ने सीईए को लागू कर दिया। यह लघु व मध्यम अस्पतालों पर भी लागू कर दिया गया। डॉ. आरपी जिंदल ने कहा कि नए एक्ट के अनुसार बिल्डिंग व स्टाफ स्ट्रक्चर बदलना पड़ेगा। नर्सिंग होम व छोटे अस्पताल इन सब नियमों पर खरा नहीं उतर पाएंगे। दूसरा डॉक्टर को किसी भी बीमारी से ग्रस्त मरीज को अटेंड करना होगा। यह सब मरीज के लिए भी खतरनाक साबित होगा। इस एक्ट को केंद्र के बाद प्रदेश मेंप्रमुखता के साथ लागू किया जा रहा है। यह अस्पतालों और मरीजों दोनों के लिए चिंता का विषय है।
अस्पतालों में अनुभवी स्टाफ, डिग्रीधारक लाना चाहती है सरकार
आईएमए के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ. पंकज मुटनेजा ने कहा कि नए एक्ट के अनुसार किसी भी तरह के मरीज को डॉक्टर को संभालना होगा। वे अपने स्तर पर मरीज को प्राथमिक उपचार तो दे सकते हैं, लेकिन स्पेशलिस्ट बिना उसका इलाज शुरू नहीं कर सकते। आईसीयू सरकार के नियम के अनुसार बना पाना संभव नहीं है। सभी अस्पतालों में पहले से ही अपने स्तर पर आईसीयू बनाए गए हैं। सरकार नए एक्ट के तहत डिग्री व डिप्लोमाधारक स्टाफ लगाने को कहती है, जबकि अस्पतालों में पहले से अनुभवी स्टाफ है। वे इतने पुराने स्टाफ को नहीं छोड़ सकते।
आईएमए के जिला प्रधान डॉ. श्याम कालड़ा ने कहा कि क्लीनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट के विरोध शुक्रवार को जिले के सभी अस्पताल बंद रहेंगे। अस्पतालों में ओपीडी के अलावा इस बार इमरजेंसी सेवाओं को भी बंद किया जाएगा। सरकार अकेले ओपीडी बंद करने पर उनकी मांगों को लागू करने की तरफ ध्यान नहीं दे रही थी। वहीं उनको इंडियन डेंटल एसोसिएशन, आरएमपी, बीएमएस, लेबोरेट्री, हरियाणा दवा प्रतिनिधि संघ, मेडिकल स्टोर एसोसिएशन भी समर्थन में रहेगी। वे सुबह 10 बजे स्काईलार्क में इकट्ठा होंगे और यहां से मूक प्रदर्शन करते हुए लघु सचिवालय में पहुंचकर डीसी के मार्फत मुख्यमंत्री को अपना ज्ञापन सौंपेंगे। इस मौके पर डॉ. मोहित अनंत, डॉ. रविंद्र गर्ग, डॉ. गौरव श्रीवास्तव, डॉ. डीएन बतरा व डॉ. राकेश कालड़ा मौजूद रहे।
वर्जन
सिविल अस्पताल में एनएचएम कर्मचारियों के वापस काम पर आने के बाद इलाज सामान्य हो गया है। मरीजों को किसी तरह की परेशानी नहीं होने दी जा रही। आईएमए की हड़ताल को देखते हुए डॉक्टरों व स्टाफ को अलर्ट कर दिया है।
डॉ. संतलाल वर्मा, सीएमओ, पानीपत।