मरीज की पर्ची लेकर दवा लेने गए विधायक, कर्मी ने कुछ दवाएं बाहर से लेने को बोला
- विधायक ने अपनी पहचान बताई को काउंटर पर मौजूद कर्मचारी के होश उड़े
- अस्पताल में दवाई होने के बावजूद बाहर से दवाई लेने की बात नहीं होगी बर्दाश्त : महीपाल ढांडा
- सवा तीन घंटे के निरीक्षण के दौरान विधायक महीपाल ढांडा ने लोगों से पूछी समस्याएं
अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत।
ग्रामीण विधायक महिपाल ढांडा ने खुद सिविल अस्पताल में इलाज व मरीजों को मिलने वाली दवाओं का की जांच की। वे एक मरीज की पर्ची लेकर ओपीडी डिस्पेंसरी की लाइन में लग गए। कर्मी ने उनको कुछ दवा देकर बाकी बाहर प्राइवेट स्टोर से लेने की सलाह दी। विधायक ने कर्मी को अपनी पहचान बताई तो दवा देने वाला कर्मी हक्का बक्का रह गया। विधायक ने एमएस डॉ. आलोक जैन व स्टोर इंचार्ज जगदीश को बुलाकर इन सब कमियों को दूर करने की हिदायत दी।
विधायक महिपाल ढांडा ने शनिवार को सिविल अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। जिसमें उन्होंने अस्पताल के अलग-अलग वार्डों में जाकर लोगों से स्वयं बातचीत कर इलाज की जानकारी ली। विधायक के तीन घंटे से भी ज्यादा समय के निरीक्षण के दौरान अस्पताल में आए कुछ लोगों ने डाक्टरों के नहीं मिलने, ओपीडी डिस्पेंसरी में पूरी दवाई नहीं मिलना, समय पर स्टाफ आदि के नहीं मिलने की शिकायत की। जिस पर विधायक महीपाल ढांडा ने एमएस आलोक जैन व अन्य डाक्टरों को बुलाकर सभी कमियों को दूर करने के निर्देश दिए है। विधायक महीपाल ढांडा ने कहा कि सिविल अस्पताल में बेशक चिकित्सकों व स्टाफ की कमी हैं पर काम के प्रति लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। महिपाल ढांडा ने तुरंत एमएस डॉ. आलोक जैन व दवाइयों के स्टोर इंचार्ज जगदीश को मौके पर बुलाया और उन्हें सख्त निर्देश दिए कि भाजपा सरकार में ऐसा नहीं चलेगा। अस्पताल में दवाई होने पर लोगों को बाहर से दवाई लेने की बात नहीं कही जाएगी।
डॉक्टरों का मूवमेंट रजिस्टर जांचा
वहीं कुछ चिकित्सकों के नहीं मिलने पर विधायक ने मूवमेंट रजिस्टर को भी चेक किया। विधायक महीपाल ढांडा शनिवार सुबह 8.45 पर सिविल अस्पताल पहुंचे। सबसे पहले वे ओपीडी की पर्ची काटने वाली कर्मचारी के पास पहुंचे। वहां पर पर्ची कटवाने वालों की भीड़ लगी थी। उसके उपरांत एमरजेंसी, आंखों वाले चिकित्सक, ओपीडी की डिस्पेंसरी, प्रसूति विभाग, बाल रोग चिकित्सक, हड्डी रोग विशेषज्ञ, अल्ट्रासाउंड व एक्सरे आदि स्थानों का निरीक्षण किया। हड्डी रोग विशेषज्ञ डा. प्रदीप के न मिलने पर उन्होंने रजिस्टर चेक किया। एक्सरे करवाने आई बुजुर्ग महिला के पस आधार कार्ड नहीं होने पर स्वयं 50 रुपये देकर उसकी पर्ची कटवाई। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. दिनेश दहिया की हाजिरी लगी होने के बावजूद मौके पर नहीं मिलने पर एसएस को सख्त लहजे में कहा कि अब आगे ऐसा नहीं चलेगा। इस अवसर पर एसएस डॉ. आलोक जैन, डॉ. विजय मलिक, डॉ. श्याम लाल, डॉ. संजीव गुप्ता, डॉ. अजय कपूर सर्जन सहित बलराज संधू, अशोक चंदौली, बलराज बबैल व डॉ. बृजेश शर्मा मौजूद रहे।
क्या कहते है अस्पताल के एमएस
एमएस डॉ. आलोक जैन ने विधायक महिपाल ढांडा को बताया कि यहां पर अभी चिकित्सकों व अन्य स्टाफ की कमी हैं। स्टाफ की कमी के चलते लोगों को कुछ परेशानी हो सकती हैं, पर उनका पूरा प्रयास रहता है कि अस्पताल में आने वाले किसी भी व्यक्ति को कोई परेशानी न हो। उन्होंने विधायक को विश्वास दिलाया कि वे स्टाफ की कमी के बावजूद भी भविष्य में मरीजों को कोई परेशानी नहीं आने देंगे।
डॉक्टरों की कमी से नहीं मनमर्जी से परेशानी ज्यादा
विधायक महिपाल ढांडा ने करीब सवा तीन घंटे के निरीक्षण के उपरांत बताया कि स्टाफ की कमी की वजह से लोगों को कुछ परेशानी हो रही हैं। इसके अलावा अस्पताल में आए कुछ लोगों ने ओपीडी डिस्पेंसरी में पूरी दवाई नहीं मिलने और कई चिकित्सकों के ओपीडी टाइम में अपने रूम में नहीं बैठने की शिकायत की है। इसके लिए एमएस डॉ. आलोक जैन को निर्देश दिए गए हैं, ताकि लोगों को कोई परेशानी नहीं हो। विधायक ने कहा कि वे जल्द ही स्वास्थ्य मंत्री व मुख्यमंत्री से सिविल अस्पताल में स्टाफ की कमी को दूर करने के लिए बात करेंगे।