साहब! फैक्ट्री के शोर से परेशानी होती है, डीसी बोले- बर्दाश्त तो करना पड़ेगा
अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत। श्रम एवं रोजगार राज्य मंत्री नायब सिंह सैनी जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक में शिकायतकर्ताओं के न आने पर कुछ नाराज हुए और संबंधित अधिकारी को इसको लेकर गंभीर होने के आदेश दिए। उन्होंने साफ कहा कि बैठक में शिकायतकर्ता की सुननी जरूरी है। उन्होंने बैठक में 15 में से 11 शिकायतों का मौके पर ही निपटारा किया। महादेव कॉलोनी से एक किशोरी के अपहरण के मामले में पुलिस अधिकारियों को अगली बैठक से पहले आरोपियों को गिरफ्तार करने की डेड लाइन रखी और लापरवाह अधिकारियों पर कार्रवाई की सख्त हिदायत दी। वहीं एक व्यक्ति ने फैक्ट्री के शोर से परेशानी होने की शिकायत दी। डीसी ने इस पर शिकायतकर्ता को कहा कि पानीपत औद्योगिक शहर है। यहां पर हर गली में फैक्ट्री है। ऐसे में फैक्ट्री के शोर को बर्दाश्त करना होगा।
जिला कष्ट निवारण समिति की मासिक बैठक वीरवार को लघु सचिवालय के द्वितीय तल के सभागार में आयोजित की गई। जिसकी अध्यक्षता श्रम एवं रोजगार राज्य मंत्री नायब सिंह सैनी ने की। बैठक में कुल 15 शिकायत पटल पर रखी गई, जिनमें से 11 शिकायतों का मौके पर ही निवारण कर दिया गया और चार शिकायत अगली बैठक के लिए लंबित रखी गई।
कुछ इस तरह से चला सदन
महादेव कॉलोनी निवासी ललीता की पहली शिकायत रही। उसने अपनी लड़की के अपहरण के मामले में कार्रवाई की मांग की और पुलिस पर डेढ़ साल तक कुछ भी रास्ता न देने के आरोप लगाए। मंत्री ने शिकायत के आधार पर कहा कि न केवल तुरंत एफआईआर दर्ज की जाए, बल्कि उस एफआईआर पर तेजी से कार्रवाई अमल में लाई जाएं। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को साफ शब्दों में अगली बैठक तक आरोपियों की गिरफ्तारी की रिपोर्ट देने के आदेश दिए। गांव नवादा पार निवासी चमेली देवी ने शिकायत दी। उसने किसी तरह का मकान व रोजगार न होने की बात कही। मंत्री ने विधवा महिला को ग्राम पंचायत की भूमि से प्लाट दिलवाने और उसका पक्का मकान भी बनवाने के निर्देश दिए।
ओल्ड हाउसिंग बोर्ड कालोनी के मनीष गोयल की शिकायत पर अधिकारियों ने बताया कि उस क्षेत्र की सफाई करवा दी गई है और डस्टबीन रखवा दिए हैं तथा डेयरी शिफ्टिंग की कार्रवाई की जा रही है। इस पर अध्यक्ष ने कहा कि शहर में लगभग तीन सौ डेयरियां हैं और 193 प्लाट जाटल रोड पर डेयरियों को दिए गए हैं। अब तक डेयरी शिफ्ट न होना चिंता का विषय है। अधिकारियों ने शीघ्र कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी निवासी सतपाल सैनी ने पुलिया बनवाने, गंदे पानी की निकासी करवाने की बात रखी। इस पर अध्यक्ष ने तुरंत पानी निकासी की व्यवस्था के निर्देश दिए। बसंत नगर निवासी राजेंद्र कुमार की शिकायत पर मंत्री ने अवैध कब्जे हटवाने तथा सरकारी जगह को खाली करवाकर, उस पर सड़क बनवाने की योजना बनाने के निर्देश जिला प्रशासन को दिए। बापौली के रामकुमार पंच ने पूर्व सरपंच द्वारा सरकारी पैसे का गबन करने की बात उठाई। इस पर संबंधित विभाग के अधिकारियों ने बताया कि पूर्व सरपंच पर लगभग 16 लाख रुपये की रिकवरी बनती है और रिकवरी के आदेश दिए जा चुके हैं। ढोड़पुर गांव निवासी कपूर सिंह ने भी सरपंच द्वारा सरकारी पैसे का गबन करने की बात उठाई। इस पर अध्यक्ष ने 2010 से 2015 तक के पैसे को लेकर एक कमेटी बनाने तथा नियमानुसार विजिलेंस की कार्रवाई करवाने के निर्देश दिए।
गांव मनाना निवासी राजेंद्र राठी ने मांग उठाई कि उनके गांव की पंचायती जमीन पर पुलिस विभाग ने कब्जा किया हुआ है। उस जमीन को या तो कब्जा मुक्त करवाया जाए या वर्तमान मूल्यों पर इस जमीन की धनराशि ग्राम पंचायत को दिलवाई जाए। यह मांग भी स्वीकार कर ली गई। गांव काबड़ी निवसी सुनील दत्त और गांव शेरा निवासी रामपाल शेरा ने भी पंचायती जमीन से अवैध कब्जे हटवाने तथा सरकारी धनराशि का पंचायत द्वारा दुरुपयोग करने और उचित कार्रवाई करने की मांग की। उत्तम नगर निवासी दीपक ने शिकायत दी कि उनकी कॉलोनी में फैक्ट्रियां लगाई गई हैं। जिनमें 24 घंटे अत्यधिक ध्वनि प्रदूषण और धुआं उठने की समस्या रहती है और बच्चों पढ़ाई पूरी नहीं हो पाती। पीसीबी के अधिकारियों ने माना कि इन फैक्ट्रियों में निर्धारित मानकों से अधिक प्रदूषण होता है। इस पर अध्यक्ष ने जिला प्रशासन को फैक्ट्रियों का ध्वनि प्रदूषण कम करवाने के निर्देश दिए और रात्रि 10 बजे से प्रात: 6 बजे तक इनको बंद करने के निर्देश देने के आदेश दिए।
डीसी डॉ. चंद्रशेखर खरे ने कहा कि पानीपत औद्योगिक नगर है। यहां हर गली में फैक्ट्री है। ऐसे में यहां पर रहने के लिए फैक्ट्रियों का शोर बर्दाश्त करना पड़ेगा। कप्तान नगर में भी ध्वनि प्रदूषण व धुआं उठने की शिकायत पर जांच के आदेश दिए गए। इसी प्रकार पंद्रहवीं शिकायत नारा निवासी रोहतास की रही। इसके समाधान के लिए भाजपा नेता धर्मपाल जागलान की अध्यक्षता में एक कमेटी को जांच करने और जिला प्रशासन का सहयोग लेकर इसका समाधान करने के आदेश दिए।
शिकायतों की लंबी लाइन, मंत्री बीच में ही उठे
इसके बाद श्रम एवं रोजगार मंत्री ने खुले दरबार के माध्यम से लगभग 200 शिकायतों को सुना। नांगल खेड़ी के ग्रामीणों ने गत दिनों पार्क अस्पताल में इलाज में लापरवाही बरतने पर एक युवक की मौत के मामले को रखा और अस्पताल प्रबंधन द्वारा शहर के मुख्य मार्गों पर एंबुलेंस खड़ी करने के आरोप लगाए। मंत्री ने सीएमओ डॉ. संतलाल को इसकी जांच करने और अस्पताल की बजाय सरकारी एंबुलेंस से सुविधा देने के आदेश दिए। वहीं ग्रामीणों ने जीटी रोड के कट को गांव के सामने की बजाय कुछ आगे करने की मांग की। मंत्री ने इसको लेकर डीएसपी ट्रैफिक की जिम्मेदारी लगाई। गांजबड़ निवासी रिटायर्ड इंस्पेक्टर चतर सिंह ने टयूबवेल कनेक्शन के दो बार पैसा लेने और अब पैसे वापस न देने के आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि निगम अधिकारी अब उसको अपने कार्यालय में भी दाखिल नहीं होने देंगे। मंत्री ने एसई बिजली निगम को इसके समाधान के आदेश दिए। वहीं ऑपन हाउस में शिकायतकर्ताओं की लंबी लाइन देखकर मंत्रीजी बीच में ही उठने लगे और आगे की शिकायत डीसी द्वारा सुनने की बात कही। इतना सुनते ही शिकायतकर्ताओं ने मंत्री को अपनी-अपनी शिकायत सौंप दी।
तीनों विधायक मंच पर आए नजर, कई बैठकों बाद दिखा नजारा
जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक में वीरवार को सरकार के तीनों विधायक पहुंचे। वे पिछली कई बैठकों में शामिल नहीं हो पा रहे थे। ग्रामीण विधायक महिपाल ढांडा, शहरी विधायक रोहिता रेवड़ी और समालखा विधायक रविंद्र मच्छरौली बैठक में सामने दिखाई दिए। वहीं बीजेपी के जिला प्रधान प्रमोद विज, महिला मोर्चा प्रधान डॉ. अर्चना गुप्ता, पूर्व प्रधान गजेंद्र सलूजा, उपायुक्त डॉ. चंद्रशेखर खरे, पुलिस अधीक्षक राहुल शर्मा, एसडीएम विवेक चौधरी, समालखा के एसडीएम गौरव कुमार, सीटीएम संदीप अग्रवाल व जिला परिषद की सुमन भांखड़ के अलावा कष्ट निवारण समिति के सदस्य एवं भाजपा नेता मेघराज गुप्ता, सत्यवान शेरा, पार्षद हरीश शर्मा, अनिल मदान, मोना शर्मा, संजीव दहिया, राजबीर आर्य, अशोक छाबड़ा, विनोद छौक्कर, अशोक कटारिया, एमसी मनोज शर्मा, प्रताप आट्टा, नवीन कुमार, विजय कौशिक, अशोक कटारिया व रघबीर सैनी मौजूद रहे।