सुरेश वर्मा ने दिया अंशु कौर पहावा को समर्थन, उनके समर्थक बोले हम नोटा को करेंगे वोट
पानीपत। नगर निगम चुनाव में महज 6 दिन बचे हैं। मेयर पद के पांचों प्रत्याशी चुनाव प्रचार में जुटे हैं। जहां कांग्रेस लगातार तीसरी बार अपना मेयर बनाने का प्रयास कर रही है, वहीं दूसरी ओर भाजपा ने अपना मेयर बनाने के लिए पूरी ताकत झोंक दी है। सीएम मनोहरलाल, भाजपा के प्रदेश प्रभारी व प्रदेशाध्यक्ष सुभाष बराला खुद चुनाव की कमान संभाल रहे हैं। लगातार स्थानीय नेताओं के साथ मीटिंग चल रही है। 12 दिसंबर को सीएम मनोहर लाल पानीपत में जनसभा भी कर रहे हैं। दूसरी ओर बुल्लेशाह अपनी प्रत्याशी के लिए अकेले ही मैदान में हैं।
निवर्तमान मेयर सुरेश वर्मा ने अंशु कौर पाहवा को समर्थन कर दिया। इससे उनसे समर्थक नाराज हो गए। समर्थकों का कहना है कि वो अब नोटा को वोट देंगे। इन बचे 6 दिनों में भाजपा 24 स्थानों पर नुक्कड़ सभाएं करेगी। भाजपा में बगावत को रोकने के लिए पार्टी ने हर 100 मीटर पर एक गुप्त कार्यकर्ता की मीटिंग लगाई है, जो इसकी रिपोर्ट सीधा जिलाध्यक्ष प्रमोद विज को करेंगे। भाजपा मेयर पद की प्रत्याशी अवनीत कौर अपने पिता भूपेंद्र सिंह को साथ लेकर वोट मांग रही है। उनको भाजपा के सभी बड़े नेताओं का साथ मिल रहा है। जबकि अंशु कौर पाहवा बुल्लेशाह के नाम पर वोट की अपील कर रही है।
नगर निगम के अंतर्गत आने पर चुनाव का बहिष्कार कर रहे बाबरपुर मंडी के लोगों को मनाने पहुंचे परिवहन व आवास मंत्री कृष्ण लाल पंवार व ग्रामीण विधायक महिपाल को लोगों ने फटकार लगा दी। दरअसल रविवार को बाबरपुर में चुनाव के बहिष्कार के लिए महापंचायत का आयोजन किया गया था। इसमें लोगों ने एकतरफा इस चुनाव में वोट न डालने का फैसला किया। इसकी भनक लगते ही सीएम मनोहर लाल ने परिवहन मंत्री कृष्ण लाल पंवार व महिपाल ढांडा की लोगों को मनाने की ड्यूटी लगा दी। दोनों रविवार को बाबरपुर पहुंच गए। लोगों ने यहां पर महिपाल ढांडा को जमकर फटकारा और जाने के लिए कह दिया। बाबरपुर मंडी में 1800 वोट हैं। इसको वार्ड 26 के अंतर्गत रखा गया है। यहां से भाजपा ने विजय जैन के रूप में अपना प्रत्याशी उतारा है।
भाजपा के सतीश सैनी को हराने के लिए बुल्लेशाह ने बिंटू मलिक को दिया समर्थन
वार्ड 12 पर भाजपा के नविर्तमान पार्षद सतीश सैनी की सीधी टक्कर बिंटू मलिक के साथ है। बुल्लेशाह ने बिंटू मलिक पर दावं खेलते हुए अपने उम्मीदवार को बैठा दिया और बिंटू मलिक को सीधा समर्थन दे दिया। रविवार को बलजीत नगर में बिंटू मलिक के लिए जनसभा का भी आयोजन किया गया। इसमें बुल्लेशाह के साथ धर्मपाल गुप्ता भी पहुंचे। दोनों नेताओं ने बिंटू मलिक के लिए वोट मांगे। इस सीट पर भाजपा की चिंता बढ़ गई है।
वोट मांगने गए पार्षद अशोक कटारिया को लोगों ने लगाई फटकार
वार्ड 7 से कृष्ण लाल पंवार के साले अशोक कटारिया भाजपा की ओर से चुनाव लड़ रहे हैं। यहां से अशोक कटारिया निवर्तमान पार्षद है। अपने वार्ड में वोट मांगने गए अशोक कटारिया को लोगों ने घेर लिया और समस्याएं गिनवाने लगे। लोगों ने आरोप लगाया कि पांच साल तक कहीं जाकर लोगों की समस्याएं नहीं सुनी। अब वोट मांगने आ गए। लोगों ने अशोक कटारिया के प्रति खासी नाराजगी देखी गई। वीडियो में अशोक कटारिया ये कहते हुए सुनाई दे रहे हैं कि समस्या के समाधान के लिए विधायक के पास ही जाओ।
वार्ड 14 में प्लानिंग के तहत नहीं जमा होने दी फाइल
वार्ड 14 में भाजपा ने राज कमल गर्ग की पत्नी सुमन को अपना उम्मीदवार बनाया। इसी वार्ड से अशोक छाबड़ा ने आजाद उम्मीदवार के तौर पर नामांकन किया। रामकमल गर्ग का आरोप है प्लानिंग के तहत उनकी फाइल जमा नहीं होने दी। ऐसी एक ऑडियो भी वायरल हुई है जिसमें निवर्तमान पार्षद एक अनजान व्यक्ति को यह कहते सुनाई पड़ रहे हैं कि उसकी 3 बजे के बाद फाइल जमा ना हो दें। दरवाजे पर ही खड़े रहे। अनजात व्यक्ति इस ऑडियो में कह रहा है कि आप टेंशन ना लो। रामकमल ने कहा कि वो आरोपियों पर कार्रवाई के लिए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे।
लोगों ने ढांडा को हड़काया, बोले- 5 साल में अब दिखाई दिए हो
बाबरपुर में आयोजित महापंचायत में लोगों को वोट डालने के लिए मनाने पहुंचे परिवहन मंत्री कृष्ण लाल पंवार व महिपाल ढांडा को लोगों के गुस्से का सामना करना पड़ा। लोगों ने यह कहकर चुनाव का बहिष्कार कर दिया कि उनका क्षेत्र पंचायत ही रहना चाहिए उनको नगर निगम के अंतर्गत ला दिया। इस बारे में कई महिपाल ढांडा को ज्ञापन दिया गया, लेकिन कभी उन्होंने सुनवाई नहीं की। लोगों ने ढांडा को साफ बोल दिया कि पांच साल तक कहां थे, अब क्या करने आए हो। कृष्ण लाल पंवार ने भी लोगों को मनाने का प्रयास किया, लेकिन लोगों ने उन्हें भी फटकार लगाते हुए वहां से जाने को कह दिया।
अंशु पाहवा को समर्थन देने से सुरेश वर्मा के समर्थक नाराज
निवर्तमान मेयर सुरेश वर्मा ने पहले अपनी पुत्रवधू सोनिया वर्मा का मेयर पद के लिए नामांकन करवाया था। लेकिन बुल्लेशाह ने उन्हें मना लिया। सुरेश वर्मा ने अपना समर्थन अंशु पाहवा को दे दिया। लेकिन उनका ये दांव उल्टा पड़ गया। उनके इस फैसले से समर्थक इतने नाराज हो गए कि उन्होंने साफ कर दिया कि वो किसी को वोट नहीं करेंगे। ऐसे में इस क्षेत्र में भी अंशु पाहवा की मुश्किलें बढ़ती दिखाई दे रही है।
मेयर प्रत्याशी बिना घोषणा पत्र के लड़ रहे चुनाव:
मेयर प्रत्याशी लोगों से वोट मांगते हुए विभिन्न प्रकार के वायदे कर रहे हैं। लेकिन किसी भी मेयर प्रत्याशी ने अपना घोषणा पत्र नहीं बनाया। नगर निगम में हो रहे भ्रष्टाचार को देखते हुए सभी प्रत्याशियों का ये ही कहना है कि वो निगम के भ्रष्टाचार को खत्म करेंगे।
भाजपा ने टिकट नहीं दी, बेटी को उतारा निर्दलीय मैदान में:
वार्ड 24 से भाजपा के 20 साल पुराने कार्यकर्ता भगत को टिकट नहीं दी तो उन्होंने अपनी अविवाहिता 21 वर्षीय बेटी निधि को चुनाव मैदान में उतार दिया है। निधि का कहना है कि उनकी गोपाल कॉलोनी में आज तक किसी ने आकर नहीं देखा पापा की पार्टी ने अनदेखी की। इसलिए स्वयं मैदान में उतरी है।