इनेलो के जिलाध्यक्ष सुरेश काला व महिला विंग की अध्यक्ष मीनाक्षी वालिया ने चश्मा छोड़ा थामा दुष्यंत का हाथ
पानीपत। अजय चौटाला के बाद अभय में खेमे में कूदने वाले इनेलो के जिलाध्यक्ष सुरेश काला ने आखिरकार अपने साथियों के साथ अभय का चश्मा छोड़ दुष्यंत का हाथ थाम लिया है। सुरेश काला के साथ महिला विंग की जिलाध्यक्ष मीनाक्षी वालिया, दयानंद उरलाना और किसान सेल के जिलाध्यक्ष अजमेर सिंह ने इनेलो छोड़ दी। सभी ने प्रदेशाध्यक्ष अशोक अरोड़ा के पास अपने इस्तीफे भेज दिए है। अब ये सभी 9 दिसंबर को जींद में होने वाली दुष्यंत की रैली में नजर आएंगे। पानीपत में इनेलो के मुख्य नेता इनेलो छोड़ चुके हैं। 3 दिसंबर को पानीपत में दिग्विजय के भी कार्यक्रम है। दिग्विजय लोगों को रैली को न्यौता देने के लिए पानीपत पहुंच रहे है।
सुरेश काला ने कहा कि अजय सिंह चौटाला, दुष्यंत चौटाला और दिग्विजय चौटाला को पार्टी से गलत तरीके से निकाला गया। डॉ. अजय चौटाला ने पार्टी के लिए 40 वर्ष काम किया है। उन्होंने पार्टी को मजबूत करने का काम किया है। उनको पार्टी से गलत तरीके से निकाला गया। इससे इनेलो कार्यकर्ता बहुत दुखी है। जनता दुष्यंत चौटाला की विचारधारा से बहुत प्रभावित हुई है। दुष्यंत चौटाला को प्रदेश की जनता मुख्यमंत्री देखना चाहती है। 2019 के विधानसभा चुनाव के बाद दुष्यंत प्रदेश के मुख्यमंत्री बनेंगे। 9 दिसंबर को जींद से एक नई पार्टी का उदय होगा। रैली रिकार्डतोड़ होगी।