अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत वार्ड-17 में लोगों से हर फार्म पर तीन-तीन सौ रुपये लेने का मामला गरमा गया है। टीम के मुखिया ने शपथ पत्र देकर खुद के साथ अपनी टीम द्वारा किसी तरह का लेन-देन न करने की सफाई दी है। ऐसे में वार्ड-17 पार्षद पर शक गहरा गया है। वार्ड पार्षद सुनील कुमार ने खुद को बकसूर बताते हुए इसको विरोधियों की चाल बताया है। उनके साथ निगम के कई पार्षद भी थे।
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 25 जून को नगर निगम के वार्ड-17 में फार्म जमा कराने का काम चल रहा था। कंपनी की एक टीम प्रदीप निवासी अमर भवन चौक की अगुवाई में वार्ड पार्षद सुनील वर्मा के ऑफिस के साथ में फार्म जमा कर रहे थे। आरोप है कि यहां पर प्रत्येक फार्म पर तीन-तीन सौ रुपये लिए जा रहे थे। नगर निगम अधिकारियों ने सूचना मिलते ही मौके पर दबिश दी, लेकिन उस वक्त तक वे सब चले गए थे। अमर भवन चौक निवासी प्रदीप ने मंगलवार को अपना शपथ पत्र अधिकारियों को दिया है। उसने बताया कि वह प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत एक कंपनी के अंतर्गत फार्म जमा कर रहा है। उसने निगम के एक से 16 वार्ड तक काम कर लिया है। यह सब नि:शुल्क हो रहा है। वह अपनी टीम के साथ 25 जून को वार्ड 17 में टीम काम रहा था। पार्षद सुनील वर्मा ऑफिस में पहुंच गए। पार्षद ने उनकी टीम को बैठने को जगह दे दी। उनके साथ लगते ऑफिस में तीन अज्ञात लोग तीन-तीन सौ रुपये व्यक्ति से लेकर पर्ची काट रहे थे। उनका उनकी टीम से कोई संबंध नहीं है। वार्ड-17 पार्षद भी भीड़ में दिखाई दे रहे थे। उक्त लोगों को सब पैसे लोगों को वापस कराए जाएं।
पार्षद ने खुद को बताया बेकसूर
पार्षद सुनील वर्मा ने मंगलवार शाम को आरोपों को निराधार बताया। उन्होंने दावा किया कि कंपनी के लोगों की मांग पर अपने ऑफिस में बैठने को जगह दी। उक्त लोग ही लोगों को बहका रहे थे। वे तो ऑफिस के बाहर खड़े होकर लोगों की मदद कर रहे थे। उनका इस मामले से कोई लेना देना नहीं है। मेरे वार्ड के लोग ही इसके सबूत हैं।