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Panipat News: अस्पताल में रेडियोलॉजिस्ट, नेत्र रोग और मनोरोग विशेषज्ञ न मिलने से 250 मरीज लौटे, गैस की दवा भी खत्म

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मुकेश। संवाद
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पानीपत। जिला नागरिक अस्पताल में शनिवार को रेडियोलॉजिस्ट, नेत्र रोग और मनोरोग विशेषज्ञ न होने से करीब 250 मरीजों को बिना इलाज व दवा के लौटना पड़ा। अस्पताल में चिकित्सक न मिलने पर मरीजों को दवा के लिए बार-बार चक्कर काटने को मजबूर होना पड़ रहा है। रेडियोलॉजिस्ट अस्पताल में लगातार चौथे दिन भी नहीं मिल, ऐसे में गर्भवतियों को ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं अस्पताल में गैस की दवा न मिलने से मरीजों को बाहर से खरीदनी पड़ी। ओपीडी में चिकित्सक भी शाम को आधे घंटे पहले उठ गए। पूरी ओपीडी खाली रही। केवल फार्मेसी में दो से तीन कर्मचारी बैठे।
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जिला नागरिक अस्पताल में नौ बजे ओपीडी शुरू होती है। शनिवार को साढ़े आठ बजे ही मरीज पहुंचने शुरू हो गए। ओपीडी के लिए पंजीकरण का कार्य नौ बजे के बाद शुरू किया। लोग इसके लिए पहले ही कतार में खड़े हो गए थे, इसके बाद दिन बढ़ाने के साथ ओपीडी की लाइन भी लंबी होती चली गई। चिकित्सक न मिलने पर लोगों का दर्द भी बढ़ने लगा। अस्पताल में नेत्र रोग विशेषज्ञ, मनोरोग विशेषज्ञ और रेडियोलॉजिस्ट नहीं मिले। शहर व दूर-दराज से आए मरीजों को बार-बार अस्पताल के चक्कर काटकर वापस जाना पड़ा, ऐसे में करीब 250 मरीजों को लौटना पड़ा।

गैस की दवा नहीं, बाहर से खरीद रहे मरीज
फिजिशियन की ओपीडी करीब 400 की रहती है, इसमें से आधे से ज्यादा मरीज गैस के मिलते हैं लेकिन अस्पताल में शनिवार को गैस की दवा नहीं मिली, ऐसे में मरीजों को बाहर मेडिकल स्टोर से दवा खरीदनी पड़ी। दोपहर बाद दो बजे चिकित्सकों ने अपनी सीट से उठना शुरू कर दिया, इसके 10 से 15 मिनट में ही चिकित्सक के केबिन ही नहीं पूरी ओपीडी खाली हो गई। पौने तीन बजे ओपीडी में केवल फार्मेसी में दो से तीन कर्मचारी बैठे थे।
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मुझे एक आंख से धुंधला दिख रहा है इसलिए मैं जांच के लिए अस्पताल में शनिवार को दूसरी बार आया हूं। पिछले सप्ताह भी मैं अस्पताल में आया था लेकिन उस समय भी चिकित्सक नहीं मिले थे और आज भी नहीं मिले। अब सोमवार को तीसरी बार अस्पताल के चक्कर काटने पड़ेंगे। चिकित्सक न मिलने से बीमारी बढ़ रही है वहीं अस्पताल तक आने-जाने में आर्थिक व्यय के साथ समय भी खराब हो रहा है।
- मुकेश, शामड़ी।

मैं गर्भवती हूं और मुझे नौवें महीने का अल्ट्रासाउंड कराना है और मैं इस सप्ताह दूसरी बार अस्पताल में आई हूं इससे पहले बुधवार को भी मैं अस्पताल आई थी लेकिन उस समय भी रेडियोलॉजिस्ट नहीं मिले थे और आज भी नहीं मिले। इस अवस्था में बार-बार अस्पताल के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। यदि अस्पताल में दूसरे रेडियोलॉजिस्ट की सुविधा हो तो कम से कम मरीजों को तो परेशानी न हो। एक मरीज दो-तीन बार अस्पताल के चक्कर काटने को मजबूर हो रहा है फिर भी चिकित्सक नहीं मिल रहे हैं।
शहनाज, कुटानी रोड।


मुझे खांसी-जुकाम और पेट में दर्द है इसलिए मैं सुबह 10 बजे अस्पताल आया। करीब 20 मिनट लाइन में लगने के बाद पंजीकरण हुआ फिर चिकित्सक से जांच के लिए करीब 30 मिनट लाइन में खड़ा रहा। चिकित्सक ने जांच कर दवा लिख दी। अस्पताल में खांसी-जुकाम की दवा तो मिल गई लेकिन गैस की दवा नहीं मिली। पेट में दर्द से निजात के लिए अब बाहर मेडिकल स्टोर से खरीदनी पड़ेगी जो सामान्यत: महंगी पड़ेगी।
- राजू, शिव चौक।



अस्पताल में शनिवार को सुबह ही गैस की दवा खत्म हुई है, इसके लिए मांग भेजी है। अस्पताल में आने वाले प्रत्येक मरीज का इलाज कर दवा दी जा रही है। रेडियोलॉजिस्ट सोमवार को अस्पताल में आ जाएंगे।
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- डॉ. विजय मलिक, सीएमओ।

मुकेश। संवाद

मुकेश। संवाद

मुकेश। संवाद

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