पानीपत। लोगों में कैंसर जैसी खतरनाक बीमारी तेजी के साथ फैल रही है। यह साल दर साल बढ़ती जा रही है। पिछले तीन साल में कैंसर चिंताजनक स्थिति में पहुंच गया है। इन तीन सालों में 750 कैंसर के मरीज मिल चुके हैं। इससे पहले 2016 से 2019 तक हर साल कैंसर के 158 की औसत से 632 मरीज मिले हैं।
जिले में सबसे अधिक मुंह की कैंसर के मरीज हैं। इसके बाद महिलाओं में गर्भाश्य और स्तन कैंसर के मामले अधिक हैं। जीटी रोड बड़ौली गांव स्थित निजी कॉलेज में कैंसर की हर महीने 50 सर्जरी कैंसर की होती हैं। यह आकड़ा हर किसी के लिए चिंता पैदा करने वाला है। चिकित्सकों का भी मानना है कि खान-पान बदलने के साथ लोगों के रहन-सहन और एक्साइज न करना कैंसर बढ़ने का बड़ा कारण है।
रविवार को विश्व कैंसर दिवस है। स्वास्थ्य विभाग की भी माने तो कैंसर दिनोंदिन बढ़ता जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग की माने ताे 2023 में कैंसर के लगभग 250 नए मरीज कैंसर के मिले हैं। हालांकि स्वास्थ्य विभाग के पास कैंसर के रोगियों का पूरा डाटा नहीं है। विभाग के पास उन रोगियों का ही डाटा है जो रोहतक पीजीआई में इलाज के लिए अपना फ्री बस पास बनवाते हैं।
डॉक्टरों के मुताबिक लोगों में कैंसर को लेकर जागरूकता की कमी है। जो ज्यादातर मामलों में जानलेवा साबित हो रही है। जिले के कैंसर रोगियों को इलाज के लिए पीजीआई और दिल्ली के अस्पतालों की दौड़ लगानी पड़ती है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार पिछले आठ वर्ष के दौरान जिले में कैंसर के 1532 केस आए हैं। हालांकि इसे निजी अस्पताल संचालक सही नहीं मानते। उनके अनुसार जिले में कैंसर के पांच हजार से अधिक रोगी हैं।
पानीपत में कैंसर की प्रारंभिक जांच की सुविधा नहीं है। ऐसे में कैंसर की आशंका होने पर मरीजों को रोहतक पीजीआई, चंडीगढ़ पीजीआई या दिल्ली के अस्पतालों की दौड़ लगानी पड़ती है। औद्योगिक नगरी के साथ देश-विदेश में ख्याति रखने वाले पानीपत में इसकी जांच तक का इंतजाम नहीं है, जबकि इसकी यहां नितांत आवश्यकता है। दरअसल यहां प्रदूषण अधिक है। यह भी बीमारी का प्रमुख कारण माना जाता है। संवाद
फ्री बस पास नहीं लिया तो कैंसर मरीजों में गिनती नहीं
रोहतक पीजीआई में कैंसर की पुष्टि होने के बाद यदि कोई मरीज सिविल अस्पताल से फ्री बस पास की पर्ची नहीं लेता तो उसकी गिनती पानीपत के कैंसर मरीजों में नहीं की जाती है। ऐसे मरीजों का आकड़ा रोहतक पीजीआई में ही दर्ज किया जाता है।
प्रदूषण से बढ़ रहा कैंसर : डॉ. अभिनय
डॉ. प्रेम कैंसर अस्पताल के निदेशक डॉ. अभिनव मुटनेजा ने बताया कि पानीपत में कैंसर बढ़ने का बड़ा कारण पर्यावरण प्रदूषण और खानपान के साथ एक्सरसाइज न करना है। लोगों में पैकेट का खाना खाने का चलन बढ़ा है। अस्पताल में हर महीने कैंसर की 50 सर्जरी हो रही हैं। इसके साथ हर रोज 10 कीमो थेरेपी और 70 रेडियो थेरेपी की जा रही हैं। लोगों को समय-समय पर स्वास्थ्य की जांच कराने की जरूरत है।
कैंसर जैसी बीमारी बढ़ना खतरनाक है। जिला नागरिक अस्पताल में इसकी सीधी जांच तो नहीं है, लेकिन सामान्य जांच में इस तरह के संकेत मिलने पर मरीज को पीजीआई रेफर किया जाता है। इसी के आधार पर उसका इलाज किया जाता है। - डाॅ. जयंत आहूजा, सीएमओ।